World Book Fair: थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भारत मंडपम में आयोजित विश्व पुस्तक मेले का दौरा किया और सैन्य व नागरिक लेखकों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय स्टॉल, संयुक्त राष्ट्र के उपकरणों की प्रदर्शनी और बाल मंडप का भी अवलोकन किया। सेना प्रमुख ने पुस्तकों को ज्ञान, जागरूकता और राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
युवाओं में निहित है भारत का भविष्य
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि भारत का भविष्य उसके युवाओं में निहित है और पुस्तकों की भूमिका युवाओं में ज्ञान और आलोचनात्मक सोच विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे देश विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, वैसे-वैसे जागरूक, जिज्ञासु और शिक्षित युवा भारत की सबसे बड़ी ताकत बनेंगे। उन्होंने राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था भारत की सभ्यतागत, वैज्ञानिक और सैन्य विरासत को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है।
World Book Fair: पुस्तक मेले में भारतीय नौसेना की सशक्त उपस्थिति
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में भारतीय नौसेना ने विशेष स्टॉल लगाए हैं, जहां आधिकारिक प्रकाशनों के साथ-साथ युद्धपोतों और पनडुब्बियों के स्केल मॉडल भी प्रदर्शित किए गए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से नौसेना के विकास, परंपराओं और परिचालन क्षमताओं की जानकारी आम जनता को दी जा रही है।
नौसेना मंडप बना आकर्षण का केंद्र
हॉल नंबर 5 में स्थित नौसेना मंडप में भारतीय नौसेना के आधिकारिक इतिहास (1945–2021) के सात खंड, विभिन्न जहाजों, वायु स्क्वाड्रनों और प्रतिष्ठानों के इतिहास पर आधारित पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं। मेले का एक प्रमुख आकर्षण नौसेना इतिहास विभाग द्वारा तैयार पुस्तक का विमोचन होगा, जिसका अनावरण नौसेना प्रमुख द्वारा भव्य समारोह में किया जाएगा।







