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चाइनीज मांझे का कहर, मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय पक्षी मोर की दर्दनाक मौत

Muzaffarnagar News

Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल ब्लॉक में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पशु प्रेमियों और स्थानीय लोगों में गुस्सा भर दिया है। चाइनीज मांझे की चपेट में आकर राष्ट्रीय पक्षी मोर की जान चली गई। रविवार को सिंगलपुर गांव में यह हादसा हुआ जब मोर पतंग के मांझे में उलझ गया। गंभीर रूप से घायल मोर को पशु प्रेमियों ने तुरंत पशु चिकित्सालय पहुंचाया लेकिन गहरे जख्मों के कारण सोमवार को उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम कर कारण स्पष्ट किया और जिला प्रशासन व पशु प्रेमियों ने पूरे सम्मान के साथ मोर का अंतिम संस्कार किया।

इंसानों के लिए भी घातक साबित हो रहे मांझे

यह घटना चाइनीज मांझे के खतरे को एक बार फिर उजागर करती है जो न केवल पक्षियों बल्कि इंसानों के लिए भी घातक साबित हो रहा है। चरथावल थाना क्षेत्र के सिंगलपुर गांव में दोपहर करीब 4:30 बजे स्थानीय पशु प्रेमी सन्नी को सूचना मिली। उन्होंने बताया मैं चरथावल का रहने वाला हूं और पशु प्रेमी हूं। हमें पता चला कि एक मोर 15-20 फुट या इससे अधिक ऊंचाई से पतंग के चाइनीज मांझे में फंस गया। मांझे ने उसकी गर्दन पर गहरा कट लगाया और पैरों व पंखों में भी उलझ गया। वह जमीन पर गिर पड़ा। हमने उसे तुरंत घर लाकर डॉक्टरों की निगरानी में इलाज शुरू किया लेकिन इतने प्रयासों के बावजूद वह बच नहीं पाया।

Muzaffarnagar News: अत्यधिक खून बहने से मौत

सन्नी ने अपील की सभी भाइयों-बहनों से निवेदन है कि चाइनीज मांझे का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी है। थाना चरथावल प्रशासन स्थानीय लोग और वन विभाग के कर्मी भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। हमने राष्ट्रीय ध्वज ओढ़ाकर उसे पूरे सम्मान के साथ दफनाया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चाइनीज मांझे के खिलाफ आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग अब प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट साझा की। उन्होंने कहा वन विभाग के कर्मचारियों ने सूचना दी कि चरथावल ब्लॉक में राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत हो गई। क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हर्षवर्धन ने मौके पर जांच की। मोर की गर्दन पर गहरा कट का निशान था और हड्डी भी टूट चुकी थी। अत्यधिक खून बहने से सुबह के समय उसकी मौत हुई। प्रारंभिक जांच से साफ है कि चाइनीज मांझे या किसी तेज धागे में उलझने से गर्दन कटी और रक्तस्राव के कारण जान गई। झटपटाने से हड्डी टूट गई।

पशु प्रेमी संगठनों ने की प्रशासन से ये मांग 

डॉ. गुप्ता ने चेतावनी दी कि चाइनीज मांझा ग्लास कोटिंग वाला होता है, जो चीजों को आसानी से काट देता है। यह पक्षियों, जानवरों और इंसानों दोनों के लिए खतरनाक है। उत्तर प्रदेश में पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां चाइनीज मांझे ने कबूतर, कौवों समेत कई पक्षियों की जान ली। मुजफ्फरनगर जिले में पतंगबाजी का शौक आम है, खासकर त्योहारों पर लेकिन अब जागरूकता की जरूरत है। पशु प्रेमी संगठनों ने प्रशासन से चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। सन्नी जैसे कार्यकर्ता अब गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने वन विभाग और पुलिस को निर्देश दिए हैं कि ऐसी घटनाओं पर नजर रखी जाए। अंतिम संस्कार के दौरान सैकड़ों लोग मौजूद थे जो मोर को सलामी देकर चले। यह घटना पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक सबक है कि पारंपरिक मांझे का इस्तेमाल करें चाइनीज मांझे से दूर रहें।

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