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जम्मू-कश्मीर में 22 से 28 जनवरी तक हल्की से भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना

जम्मू-कश्मीर में मौसम की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान माइनस 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने 22 जनवरी से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। अधिकारियों ने यात्रियों और किसानों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।
जम्मू-कश्मीर मौसम अलर्ट, गुलमर्ग बर्फबारी

Jammu Kashmir Weather: जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग स्की रिजॉर्ट में मंगलवार को न्यूनतम तापमान गिरकर माइनस 5.5 डिग्री सेल्सियस हो गया। इसी बीच, मौसम विभाग ने 22 जनवरी की शाम से हल्की से भारी बारिश/बर्फबारी की संभावना जताई।

श्रीनगर और पहलगाम का तापमान

श्रीनगर शहर में न्यूनतम तापमान माइनस 3.4 डिग्री सेल्सियस, पहलगाम में माइनस 4.4 और गुलमर्ग में माइनस 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।इसी तरह, जम्मू शहर और कटरा शहर में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस, बटोटे में 2.5, बनिहाल में माइनस 1.6 और भद्रवाह में माइनस 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

Jammu Kashmir Weather: 22 जनवरी से मौसम खराब

मौसम विभाग ने 22 जनवरी से 28 जनवरी तक खराब मौसम को लेकर एडवाइजरी जारी की।विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया कि अगले कुछ दिनों में दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के जम्मू-कश्मीर को प्रभावित करने की उम्मीद है, जिससे मौसम की स्थिति में काफी बदलाव आएगा।

एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि केंद्र शासित प्रदेश के मध्यम और ऊंचे इलाकों में सतही और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। इसमें जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य प्रमुख सड़कें भी शामिल हैं।

Jammu Kashmir Weather: जम्मू-कश्मीर मौसम अलर्ट, गुलमर्ग बर्फबारी
जम्मू-कश्मीर मौसम अलर्ट, गुलमर्ग बर्फबारी

भूस्खलन और तेज हवाओं की चेतावनी

इसके अलावा, भूस्खलन, कीचड़ खिसकने और 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए, यात्रियों, पर्यटकों और ट्रांसपोर्टरों को अपनी यात्रा सावधानी से प्लान करने की सलाह दी गई है।

बर्फीले इलाकों में रहने वाले लोगों को ढलान वाली और हिमस्खलन वाली जगहों पर जाने से बचने की चेतावनी दी गई है, जबकि किसानों को इस दौरान सिंचाई, खाद डालने और केमिकल स्प्रे करने जैसी गतिविधियों को रोकने की सलाह दी गई है।

रबी फसलों पर मौसम का प्रभाव

पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागरीय क्षेत्र में बनने वाला एक एक्स्ट्राट्रॉपिकल तूफान है जो भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में अचानक सर्दियों की बारिश लाता है, जो बांग्लादेश के उत्तरी हिस्सों और दक्षिण-पूर्वी नेपाल तक फैली हुई है। भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश में रबी की फसल की संभावना काफी हद तक पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधियों पर निर्भर करती है।

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