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Basant Panchami: माघ शुक्ल पंचमी का महत्व क्या है? बसंत पंचमी से जुड़ी मान्यताएं और परंपराएं

बसंत पंचमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो ज्ञान, विद्या और बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा कर विद्या और सकारात्मक ऊर्जा की कामना की जाती है।
सनातन संस्कृति में पर्वों का आध्यात्मिक महत्व

Basant Panchami: सनातन संस्कृति में मनाया जाने वाले हर त्यौहार के पीछे कोई ना कोई रहस्य और सिख छुपी होती है। हिंदू धर्म में हर पर्व का अपना एक अलग ही महत्व है और देश में हर त्यौहार को बड़े ही हर्ष-उल्लास के साथ मनाते है।

बसंत पंचमी: मां सरस्वती को समर्पित ज्ञान का पर्व

माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर हर साल बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है। यह दिन ज्ञान और विद्या की देवी सरस्वती मां को समर्पित है, जिसे बसंत पंचमी के साथ श्री पंचमी अथवा ज्ञान पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी का पर्व बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है।

Basant Panchami: मां सरस्वती की पूजा और आध्यात्मिक महत्व

बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूरी विधि विधान से पूजा अर्चनाकी जाती है। विशेषकर स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय में इस दिन कई तरह के कार्यक्रम किए जाते है। कहते हैं यदि कोई भी विद्यार्थी इस दिनमां सरस्वती कीपूजन करता हैउसेविद्या और ज्ञान काआशीर्वादप्राप्तहोता हैबसंत पंचमी के दिनहर तरफएक ही रंग नजर आता है इस दिन हर कोईपीले रंग के कपड़े पहनता हैजगह-जगह ऊपर पीले रंग से सजावट की जाती है। दरअसल पीले रंग को सकारात्मक और शुभता का कारक माना जाता है।

Basant Panchami: सनातन संस्कृति में पर्वों का आध्यात्मिक महत्व
सनातन संस्कृति में पर्वों का आध्यात्मिक महत्व

पंचमी तिथि की शुरुआत और समाप्ति

हिंदू पंचांग के अनुसार साल 2026 में माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि

पंचमी तिथि की शुरुआत: 22 जनवरी 2026, शाम 6:15 बजे से

पंचमी तिथि का समापन: 23 जनवरी 2026, रात के 8:30 बजे तक

लेकिन बसंत पंचमी 23 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्योदय के समय पंचमी तिथि विद्यमान रहेगी इसी कारण बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा 23 जनवरी शुक्रवार को मनाई जानी है।

पीला रंग कैसे बढ़ाता है सकारात्मक ऊर्जा और एकाग्रता

ऋतुराजअथवा मौसमके राजा कहे जाने वालेबसंत ऋतुपर नई फसल के आने कासमय होता हैइस मौसम मेंफसलों में पीलापन नजर आता है औरप्रकृति की इसी सुंदरता के साथसनातनी लोगस्वयं कोजोड़ने काप्रयास करते हैं जिस वजह से इस दिन सभी पीले रंग के वस्त्र पहनते हैं और हर तरफ पीला रंग नजर आता हैं। धार्मिक दृष्टि से भी देखा जाए तो पीले रंग को ज्ञान, सादगी और शुद्धता का प्रतीक भी मानते है। वही लोक मान्यताओं के अनुसार मां सरस्वती को भी पिला रंग बहुत प्रिय है।

लोक मान्यताओं पर आधारित जानकारी

मान्यता है कि पीला रंग पहनने से मन साफ रहता है और ध्यान लगाने में मदद मिलती है। इसी वजह से बसंत पंचमी के दिन भक्त पीले कपड़े पहनते हैं और मां सरस्वती को पीले फूल चढ़ाकर पूजा करते हैं। पीला रंग को सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। यह सूर्य के प्रकाश का प्रतीक भी है और माना जाता है कि इससे जीवन में शुभता और अच्छाई आती है।

Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से साझा किया गया है। इसमें दी गई सभी जानकारी लोक मान्यताओं पर आधारित है।

यह भी पढे़ : जानें साप्ताहिक राशिफल 19 जनवरी से 25 जनवरी 2026 तक

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