Bangladesh News: एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत के खिलाफ गुप्त अभियानों के लिए बांग्लादेश को लॉजिस्टिक और वैचारिक आधार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्थिति न केवल भारत के लिए चिंता का विषय है, बल्कि बांग्लादेश के लिए भी क्षेत्रीय अस्थिरता का जोखिम बढ़ा रही है।
आईएसआई की नई रणनीति और प्रॉक्सी नेटवर्क
बांग्लादेश की साप्ताहिक पत्रिका ब्लिट्ज में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएसआई एक बार फिर धर्म का सहारा लेकर प्रॉक्सी समूहों के माध्यम से अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के गणतंत्र दिवस के आसपास समयबद्ध साजिश के तहत पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश और विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों तक फैली बहुस्तरीय मुहिम चलाई जा रही है, जिसमें वैचारिक युद्ध और तोड़फोड़ की योजनाएं शामिल हैं।
Bangladesh News: ‘मोहाजिर रेजिमेंट’ और घुसपैठ का आरोप
खुफिया आकलनों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएसआई की तथाकथित ‘ढाका सेल’ के समन्वय से प्रशिक्षित ऑपरेटिव्स को भारत-बांग्लादेश सीमा के जरिए भारत में भेजा जा रहा है। इन ऑपरेटिव्स को “मोहाजिर रेजिमेंट” कहा गया है, जिनमें 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पुरुष और महिलाएं शामिल हैं। रिपोर्ट का दावा है कि इनमें से कुछ को आईईडी बनाने और आत्मघाती हमलों का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
राजनीतिक बदलावों से बढ़ी चिंता
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2024 में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद कुछ नीतिगत बदलावों ने इस्लामवादी नेटवर्क के लिए अनुकूल माहौल बनाया है। इससे लश्कर-ए-तैयबा और कुछ बांग्लादेशी कट्टरपंथी तत्वों के बीच पुराने संपर्क फिर से सक्रिय होने की आशंका जताई गई है।
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