Zubeen Garg Case: असम के प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की मौत से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। यह हाई-प्रोफाइल केस अब एक अहम कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार को असम के कामरूप जिले की जिला एवं सत्र न्यायालय में इस मामले से जुड़े पांच आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई होने वाली है। यह सुनवाई ऐसे समय में हो रही है, जब विशेष जांच दल यानी एसआईटी अपनी जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर चुका है और कई नए तथ्य सामने आ चुके हैं।
एसआईटी चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे
अधिकारियों के मुताबिक, इस केस में नामजद सभी पांच आरोपियों ने अदालत में जमानत की मांग की है। इनमें श्यामकानु महंता और अमृतप्रभा महंता के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। आरोपियों का कहना है कि उन्होंने जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया है और अब जांच लगभग पूरी हो चुकी है। ऐसे में उन्हें जेल में रखने का कोई ठोस कारण नहीं बचता।

एसआईटी द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। चार्जशीट में दिवंगत गायक के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और उनके बैंड के साथी शेखरज्योति गोस्वामी को हत्या का आरोपी बनाया गया है। वहीं, जुबीन गर्ग के रिश्तेदार और निलंबित असम पुलिस अधिकारी संदीपन गर्ग पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है। इन आरोपों के सामने आने के बाद केस की गंभीरता और बढ़ गई है।
Zubeen Garg Case: फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयान
जमानत याचिकाओं पर होने वाली सुनवाई इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि एसआईटी ने अदालत में अपनी पूरी जांच के आधार पर विस्तृत चार्जशीट पेश की है। इस चर्चित मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच के लिए असम पुलिस ने विशेष जांच दल का गठन किया था। चार्जशीट में घटनाक्रम को विस्तार से बताया गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जुबीन गर्ग की मौत किन हालात में हुई।

जांच एजेंसियों के अनुसार, चार्जशीट में कई अहम सबूत शामिल किए गए हैं। इनमें गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और विदेश से मिली जानकारियां भी शामिल हैं। इन सभी तथ्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अपना पक्ष मजबूत करने की कोशिश की है। हालांकि, आरोपियों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है और दावा किया है कि उन्हें गलत तरीके से इस मामले में फंसाया गया है।
यॉट कैप्टन का बयान: मदद से पानी में उतरे
आरोपियों की जमानत की मांग उस समय और तेज हो गई, जब सिंगापुर पुलिस ने अदालत को अपनी जांच से जुड़ी जानकारी दी। सिंगापुर पुलिस ने बताया कि उनकी जांच में जुबीन गर्ग की मौत के पीछे किसी भी तरह की साजिश या आपराधिक इरादे के संकेत नहीं मिले हैं।

सिंगापुर पुलिस के अनुसार, जुबीन गर्ग की मौत पानी में डूबने से हुई थी। जांच में यह भी सामने आया कि घटना के समय वह नशे की हालत में थे। वह एक यॉट पर मौजूद थे, जहां उन्होंने काफी मात्रा में शराब पी थी, जिससे उनका शारीरिक संतुलन ठीक नहीं था।
जांच अधिकारी ने अदालत को यह भी बताया कि जुबीन गर्ग पहले पानी में तैरने गए थे और इसके बाद यॉट पर लौट आए थे। उस समय उन्होंने कहा था कि वह थक चुके हैं। कुछ देर बाद वह दोबारा पानी में उतरे। उनकी मेडिकल हिस्ट्री की भी जांच की गई, जिसमें सामने आया कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और मिर्गी की बीमारी थी।
Zubeen Garg Case: हाई-प्रोफाइल केस पर मीडिया की नजर
फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि उनके खून में इन बीमारियों से जुड़ी दवाओं के अंश मौजूद थे। हालांकि, यह साफ नहीं हो सका कि घटना वाले दिन उन्होंने मिर्गी की दवा ली थी या नहीं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि उनके शरीर पर ऐसे कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले, जिससे यह साबित हो सके कि पानी में उतरने से पहले उन्हें मिर्गी का दौरा पड़ा था।

इस मामले में यॉट के कैप्टन ने भी अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। कैप्टन के अनुसार, जब जुबीन गर्ग यॉट पर चढ़ रहे थे, तब उन्हें ठीक से चलने में दिक्कत हो रही थी और उन्हें दो दोस्तों का सहारा लेना पड़ा था। कैप्टन ने यह भी बताया कि जुबीन गर्ग को बिना लाइफ जैकेट पानी में उतरने से रोका गया था।







