Uttar Pradesh: मिर्ज़ापुर में फिटनेस सेंटरों की आड़ में चल रहे एक कथित आपराधिक नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। युवतियों की शिकायतों के बाद की गई कार्रवाई में पुलिस ने जिम संचालकों और प्रशिक्षकों सहित कई लोगों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है, जबकि कई जिमों को सील कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार, कुछ युवतियों ने आरोप लगाया कि जिम ट्रेनिंग के बहाने उनसे नज़दीकियाँ बढ़ाई गईं और बाद में निजी तस्वीरों व वीडियो के ज़रिए उन्हें डराया-धमकाया गया। शिकायतों में ब्लैकमेलिंग, मानसिक उत्पीड़न और दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
Uttar Pradesh: जांच में सामने आए अहम तथ्य
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग जिमों में ट्रेनर या संचालक के रूप में काम कर रहे थे। आरोप है कि वे पहले विश्वास जीतते थे और बाद में निजी जानकारियों का गलत इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने बताया कि अब तक कई मोबाइल फोन, डिजिटल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए गए हैं।सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और डिजिटल फॉरेंसिक जांच के ज़रिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं और संपर्क का दायरा कितना बड़ा है।
पुलिस मुठभेड़ और गिरफ्तारी
कार्रवाई के दौरान एक मुख्य आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे पैर में गोली लगी। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है और पूछताछ जारी है।
Uttar Pradesh: पांच जिम सील, जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस ने एहतियातन शहर के पांच जिमों को सील कर दिया है, जिनका कथित रूप से इस मामले से संबंध बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जिमों की फंडिंग, संचालन और स्टाफ की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह मामला जांचाधीन है और सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। दोष सिद्ध होने पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आम लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें और यदि किसी के पास इस मामले से जुड़ी जानकारी हो तो पुलिस से संपर्क करें।
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