Mirzapur News: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिम की आड़ में चल रहे जबरन धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ कर मुख्य आरोपी और एक जिम मलिक फरीद अहमद को एनकाउंटर के दौरान गिरफ्तार किया है। जिसके कुछ देर बाद ही पुलिस ने गैंग में शामिल जीआरपी के हेड कांस्टेबल को भी गिरफ्तार किया। जिसकी तैनात भदोही में थी। वहीं दूसरी तरफ हेड कांस्टेबल के इस मामले में शामिल होने की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
जांच में सामने आई अहम कड़ियां
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि हेड कांस्टेबल इरशाद खां का संबंध उस गिरोह से था, जो जिम की आड़ में युवतियों को अपने जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी न केवल अन्य अभियुक्तों के संपर्क में था, बल्कि उन्हें संरक्षण और महत्वपूर्ण जानकारियां भी उपलब्ध कराता था। आरोपी के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जो उसकी सक्रिय भूमिका की ओर इशारा करते हैं। पुलिस का कहना है कि ये साक्ष्य मामले में अहम कड़ी साबित हो रहे हैं।

Mirzapur News: पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
मामले में पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने बताया कि पहले से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद हेड कांस्टेबल की संलिप्तता उजागर हुई। मुख्य आरोपी फरीद की गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों के भीतर इरशाद खां को भी हिरासत में ले लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गिरोह के नेटवर्क को मजबूत करने में भूमिका निभाई।
दो युवतियों ने की थी शिकायत
यह मामला तब सामने आया, जब कोतवाली देहात में दो युवतियों ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़िताओं का आरोप है कि जिम में दोस्ती के बाद उन्हें बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया। जांच के दौरान शहर के कई जिम संदिग्ध पाए गए, जिन्हें प्रशासन ने सील कर दिया है। फिलहाल, पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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