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कानून के घर में चोरी! मोहम्मदी तहसील गेट से 15 मिनट में किसान की बाइक चोरी कर फरार हुए चोर

Lakhimpur Kheri

Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने जिला प्रशासन और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोहम्मदी तहसील, जहाँ पूरे क्षेत्र की न्यायिक और प्रशासनिक गतिविधियाँ संचालित होती हैं, उसी के मुख्य द्वार से दिनदहाड़े एक किसान की मोटरसाइकिल चोरी हो गई। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब अपराधियों के मन में कानून और खाकी का भय लगभग समाप्त हो चुका है।

अब जानें मामला…

यह वारदात 17 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 12 बजे हुई। ग्राम कौडैंली निवासी सुनील कुमार पाल अपनी सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल संख्या UP31V5707 से किसी सरकारी कार्य के सिलसिले में मोहम्मदी तहसील पहुंचे थे। उन्होंने बाइक तहसील के मुख्य गेट पर खड़ी की और भीतर कार्यालय चले गए। मात्र 15 मिनट बाद, जब वह वापस लौटे, तो उनकी मोटरसाइकिल मौके से गायब थी। तहसील जैसे संवेदनशील और पुलिस निगरानी वाले स्थान से इतनी कम समय में बाइक चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

Lakhimpur Kheri: सुरक्षा व्यवस्था की खोल दी पोल

मामले में एक तकनीकी पेच भी सामने आया है। चोरी गई मोटरसाइकिल का कानूनी स्वामित्व अभी अमित कुमार कनौजिया पुत्र ओमप्रकाश के नाम दर्ज है। सुनील कुमार पाल ने यह बाइक उनसे खरीदी थी, लेकिन आरटीओ में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। इसी कारण उत्तर प्रदेश पुलिस के ई-थाना पोर्टल पर रिपोर्ट संख्या 2026000083936 के तहत शिकायत अमित कुमार के नाम से दर्ज कराई गई है, जिससे पीड़ित की परेशानी और बढ़ गई है।

इस घटना ने तहसील परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। सवाल उठ रहे हैं कि तहसील गेट पर तैनात पुलिस और होमगार्ड्स की मौजूदगी के बावजूद चोर वारदात को अंजाम कैसे दे गए। इसके साथ ही ‘सेफ सिटी’ और सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था के दावों पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील के बाहर फैला अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग अपराधियों को आसानी से भागने का मौका देता है।

पीड़ित ने मामले में क्या बताया?

पीड़ित सुनील कुमार पाल ने बताया कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से यह बाइक खरीदी थी ताकि परिवार का कामकाज चल सके। तहसील जैसे स्थान पर आकर उन्होंने खुद को सुरक्षित महसूस किया था, लेकिन कानून की नाक के नीचे ही उनकी बाइक चोरी हो गई। उनका कहना है कि वह लगातार पुलिस के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक बाइक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

तहसील परिसर से हुई इस चोरी को लेकर मोहम्मदी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों और अधिवक्ता संघ ने मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द से जल्द चोरों की पहचान की जाए, चोरी गई मोटरसाइकिल बरामद की जाए और तहसील परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Report By: संजय कुमार

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