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धार भोजशाला में कड़ी सुरक्षा के बीच सरस्वती पूजा शुरू, 8 हजार से ज्यादा जवान तैनात

bhojashaala vivaad: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला मंदिर–कमल मौला मस्जिद परिसर में शुक्रवार को बसंत पंचमी के अवसर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सरस्वती पूजा की शुरुआत हुई। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए भोजशाला परिसर पहुंचने लगे। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत पूजा और नमाज़

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, हिंदू श्रद्धालुओं को सूर्योदय से सूर्यास्त तक सरस्वती पूजा की अनुमति दी गई है, जबकि मुस्लिम समुदाय को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज़ अदा करने की इजाजत दी गई है। कोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है।

bhojashaala vivaad: 8,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात

संभावित तनाव को देखते हुए भोजशाला परिसर और आसपास के इलाकों में 8,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल को रिजर्व में रखा गया है।

प्रशासन का फोकस: कानून-व्यवस्था

धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि प्रशासन की प्राथमिकता पूरी तरह कानून-व्यवस्था बनाए रखने की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, फेसबुक या किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली सामग्री साझा करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

bhojashaala vivaad: मुख्यमंत्री मोहन यादव का संदेश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बसंत पंचमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि मां सरस्वती की कृपा से सभी का जीवन ज्ञान, सृजनशीलता और समृद्धि से परिपूर्ण हो।

क्या है भोजशाला विवाद

भोजशाला परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित 11वीं सदी का स्मारक है। हिंदू समाज इसे देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे कमल मौला मस्जिद के रूप में देखता है। इसी धार्मिक मान्यता के टकराव के कारण यह स्थल लंबे समय से विवाद का केंद्र बना हुआ है।

bhojashaala vivaad: शांतिपूर्ण आयोजन की अपील

प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और पूजा शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।

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