SIR IN UP: कुंडा विधानसभा सीट से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी कुमारी के बीच चल रहे विवाद के बीच भानवी ने अब चुनावी मताधिकार से जुड़ा मामला उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके और उनकी दो बेटियों, राघवी कुमारी और विजय राजेश्वरी कुमारी के नाम वोटर लिस्ट से जानबूझकर हटा दिए गए हैं। भानवी कुमारी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक खुला पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा कि उनका नाम 2003 और 2025 की मतदाता सूची में दर्ज था, लेकिन अब बिना किसी पूर्व सूचना और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिए, उनके और बेटियों के नाम हटाए गए। भानवी ने इसे “स्पष्ट अन्याय और पक्षपात” करार दिया है।
भानवी ने पत्र में क्या मांग की?
पत्र में भानवी ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री द्वारा यह स्पष्ट कहा गया था कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा, तो अधिकारियों ने यह कदम किसके दबाव में उठाया। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या पुरुषों के नाम सुरक्षित रहते हुए महिलाओं के नाम काटे जाना लोकतंत्र और न्याय संगत है।
भानवी कुमारी ने मुख्यमंत्री और चुनाव आयोग से निम्न मांगें की हैं कि उनका और बेटियों का नाम तत्काल मतदाता सूची में पुनः जोड़ा जाए। यह स्पष्ट किया जाए कि किस अधिकारी ने और किस आधार पर यह निर्णय लिया। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। भानवी ने पत्र में कहा कि यह मामला केवल उनके परिवार की पीड़ा नहीं है, बल्कि यह पूरे लोकतंत्र में नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा का सवाल है।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस पारिवारिक विवाद को 4 महीने में निपटाने का आदेश दिया है, लेकिन अब भानवी के खुला पत्र ने इस मामले को नए मोड़ पर ला दिया है।
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