Ukraine Russia Peace: अबू धाबी, संयुक्त अरब अमीरात-शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 से रूस, यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों के बीच तीनों पक्षों की पहली त्रिपक्षीय बैठक शुरू हुई। इसका मुख्य उद्देश्य चार साल से अधिक समय से जारी युद्ध को शांतिपूर्ण रूप से समाप्त करने के लिए कूटनीतिक समाधान खोजना है।
बैठक की पृष्ठभूमि और आवश्यकता
रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत फरवरी 2022 में रूस के आक्रमण के साथ हुई थी। तब से यह यूरोप के सबसे गंभीर संघर्षों में से एक बन गया है, जिसमें भारी जनहानि, विनाश और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव शामिल है। पिछले कई महीनों में शांति वार्ताएँ अलग-अलग मंचों पर होती रहीं, लेकिन यह पहली बार है जब तीनों देशों के प्रतिनिधि सीधे वार्ता कर रहे हैं।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस बैठक को “युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम” बताया। उन्होंने कहा कि शांति समझौतों के दस्तावेज लगभग तैयार हैं और अब तीनों पक्षों को व्यवहारिक और समर्पित कदम उठाने की आवश्यकता है।
बैठक का स्वरूप और आयोजन
बैठक 23 और 24 जनवरी 2026 को दो दिनों तक चलेगी। यह तकनीकी और कार्य-स्तरीय वार्ता के रूप में आयोजित हो रही है, जिसमें तीनों देशों के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधि शांति, सुरक्षा और स्थिरता के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। अमेरिकी प्रतिनिधि दल पहले मास्को में रूसी प्रतिनिधियों से मिले और उसके बाद अबू धाबी के लिए रवाना हुए।
Ukraine Russia Peace: यूक्रेन की आशाएँ और चुनौतियाँ
जेलेंस्की ने रूस से भी समझौते के लिए तैयार होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युद्ध का समाधान केवल यूक्रेन के कदमों से संभव नहीं है, बल्कि रूस को भी युद्ध रोकने और संतुलित समाधान की दिशा में कदम उठाने होंगे। यूक्रेन का मानना है कि युद्ध के बाद सुरक्षा गारंटी, पुनर्निर्माण और स्थिरता के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार हैं, लेकिन अंतिम समझौते के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और कठिन निर्णय आवश्यक हैं।

रूस का रुख और मुख्य मुद्दे
रूस की तरफ से कहा गया है कि बैठक में सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा मुख्य फोकस होगी। रूसी अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि क्षेत्रीय विवाद (विशेष रूप से डोनबास और अन्य विवादित क्षेत्र) और नाटो सदस्यता जैसे गंभीर मुद्दों पर समाधान पर सहमति आवश्यक है। बातचीत इन मुद्दों को लेकर अभी भी जटिल बनी हुई है।
Ukraine Russia Peace: अमेरिका की कूटनीतिक भूमिका
अमेरिका, जो शांति वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, ने युद्ध को समाप्त करने की दिशा में समाधान को आगे बढ़ाने का संकल्प जताया है। अमेरिकी प्रतिनिधि दल के पास पहले रूस और यूक्रेन दोनों के साथ वार्ता करने का अनुभव है और वह इसे संवाद को गति देने वाला अवसर मानता है। अमेरिका राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों का संतुलित समाधान पाने की कोशिश कर रहा है।

बैठक का महत्व
यह त्रिपक्षीय बैठक न केवल युद्ध समाप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए शांति प्रक्रिया में नई उम्मीदें और चुनौतियाँ भी लेकर आई है। यदि बैठक में सकारात्मक प्रगति होती है, तो यह रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकती है। हालांकि, क्षेत्रीय विवाद, सुरक्षा गारंटी और राजनीतिक समझौते जैसे मुद्दों पर अभी भी मतभेद हैं।
आगे क्या हो सकता है?
त्रिपक्षीय वार्ता के बाद, अगर प्रगति सकारात्मक रही, तो फॉलो-अप शांति समझौते, संघर्ष विराम और पुनर्निर्माण योजनाएँ आगे बढ़ाई जा सकती हैं। यदि असहमति बनी रही, तो युद्ध और तनाव जारी रह सकता है। यह बैठक युद्ध के राजनीतिक निष्कर्ष के लिए निर्णायक क्षण साबित हो सकती है।
Written by- Anurag Vishwakarma
ये भी पढ़े… “पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष समेत 15 बकायेदारों पर शिकंजा, 88 लाख के गनर शुल्क की वसूली शुरू”







