Foreign Affairs: मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर बेहद संवेदनशील हो गए हैं। अमेरिका द्वारा क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के बीच ईरान ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अगर उस पर किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई की गई, तो उसे सीधे तौर पर युद्ध की घोषणा माना जाएगा।ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ कहा है कि चाहे हमला छोटा हो या बड़ा, सर्जिकल हो या सीमित कार्रवाई के नाम पर किया जाए — ईरान हर स्थिति में कड़ा और निर्णायक जवाब देगा। अधिकारी के मुताबिक देश की सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार है।
Foreign Affairs: अमेरिकी सैन्य हलचल से बढ़ी चिंता
आने वाले दिनों में अमेरिका का एक एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और अन्य आधुनिक सैन्य संसाधन मध्य पूर्व पहुंचने वाले हैं। ईरान इस गतिविधि को बेहद गंभीरता से देख रहा है। हालांकि तेहरान को उम्मीद है कि यह सैन्य तैनाती किसी वास्तविक टकराव के इरादे से नहीं है, लेकिन सतर्कता में कोई कमी नहीं बरती जा रही।
Foreign Affairs: ट्रंप की चेतावनी पर ईरान का पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अमेरिकी सैन्य बेड़ा ईरान की दिशा में बढ़ रहा है, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे टकराव से बचना चाहते हैं। ट्रंप ने ईरान को परमाणु गतिविधियों और आंतरिक हिंसा को लेकर चेताया था।इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान की संप्रभुता या सीमाओं को छूने की भी कोशिश की, तो जवाब ऐसा होगा जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकेगा।
दबाव में भी झुकने को तैयार नहीं ईरान
ईरान का कहना है कि वर्षों से चले आ रहे सैन्य दबाव और धमकियों के कारण उसने अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया है। अधिकारी ने साफ किया कि देश के सभी संसाधन केवल आत्मरक्षा और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए तैयार रखे गए हैं।गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले भी जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा था, अमेरिका ने इसी तरह सैन्य जमावड़ा किया था। पिछले साल परमाणु ठिकानों पर हमलों से पहले भी ऐसे ही हालात बने थे। यही वजह है कि मौजूदा स्थिति ने पूरे क्षेत्र में चिंता और अनिश्चितता को और गहरा कर दिया है।
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