Galgotias University: नोएडा में एक बीटेक छात्र उदित सोनी ने पिता की डांट और हॉस्टल में कथित दबाव से परेशान होकर चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। हॉस्टल के स्टाफ ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की खबर फैलते ही उसके साथी छात्र हॉस्टल के बाहर इकट्ठा हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे तक विरोध चलता रहा। इस दौरान छात्रों ने सड़क पर खड़ी 5 बसों के शीशे तोड़ दिए। जिसके बाद सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई का आश्वासन देकर छात्रों को शांत कराया। छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल मैनेजमेंट के टॉर्चर और उत्पीड़न के कारण उदित ने यह कदम उठाया। वे चाहते हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ये दुखद घटना शुक्रवार रात नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में की है।
अब विस्तार से पढ़े मामला…
उदित सोनी (28) झांसी के भोगनीपुर का रहने वाला था। उसके पिता ज्वेलर हैं और परिवार में एक बड़ी बहन भी है। उदित गलगोटिया यूनिवर्सिटी में बीटेक सेकेंड ईयर का छात्र था। दोस्तों का कहना हौ कि शुक्रवार रात करीब 10 बजे उदित अपने दोस्तों कुलदीप और चेतन के साथ पार्टी करके हॉस्टल लौटा था। वह शराब पीकर आया था, इसलिए वार्डन ने उसे गेट पर ही रोक लिया। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उसके पिता विजय सोनी से बात कराई गई। वार्डन ने बताया कि उदित शराब पीकर लौटा है और पहले भी ऐसी शिकायतें मिल चुकी हैं।

जिसके बाद पिता ने उदित को डांट लगाई और कहा कि वे यूनिवर्सिटी आकर उसका नाम कटवाकर उसे घर वापस ले आएंगे। बाद में पिता ने वार्डन से बातचीत कर आश्वासन दिया कि उदित अब ऐसा नहीं करेगा। इसके बाद वार्डन ने उसे हॉस्टल में जाने की अनुमति दे दी। लेकिन इसके कुछ देर बाद ही करीब रात 11 बजे उदित ने हॉस्टल की चौथी मंजिल से खुदकर जान दे दी। तेज धमाके की आवाज सुन जब हॉस्टल का स्टाफ मौके पर पहुंचा तो पैरों तले जमीन खिसक गई। क्योंकि उदित जमीन पर पड़ा था जिसके सिर से खाफी खून बह रहा था। तुरंत एम्बुलेंस से वह लोग उदित को प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर पहुंचे जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
Galgotias University: हॉस्टल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग
वहीं इस मामले में छात्रों का कहना है कि उदित रात में शराब पीकर हॉस्टल लौटा था। वार्डन ने इस बात की शिकायत उसके पिता से कर दी, जिसके बाद पिता ने उदित को कड़ी फटकार लगाई। छात्रों का आरोप है कि इसी गुस्से और मानसिक दबाव के चलते उदित ने आत्महत्या कर ली। छात्रों का माना है कि अगर वार्डन ने शिकायत करने की बजाय समझदारी से काम लिया होता, तो उदित आज जिंदा होता। जिसके बाद अब उन्होंने वार्डन और अन्य हॉस्टल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस मामले में क्या कहती है?
एडिशनल डीसीपी सुधीर कुमार का कहना है कि रात में छात्र के सुसाइड की सूचना मिली थी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घटना की जानकारी लेने के बाद उसके परिजन को सूचना दी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। मामले में छात्रों और हॉस्टल मैनेजमेंट से पूछताछ जारी है। जिसके पूरा होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Galgotias University: हॉस्टल मैनेजमेंट की चुप्पी पर भी सवाल
वहीं दूसरी तरफ जब छात्र अधिकार संघ संस्थापक अरुण नगर उस हॉस्टल के बाहर पहुंचे जिस हॉस्टल की चौथी मंजिल से कूदकर उदित सोनी ने आत्महत्या की तो उन्हें हॉस्टल के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों ने अंदर जाने से रोक लिया। इस वाक्य का वीडियो अरुण ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। वीडियो में उन्हें पुलिसकर्मियों से यह कहते सुना जा रहा है कि वह इस मामले को लेकर छात्रों से बात करना चाहते हैं लेकिन बाहर खड़े पुलिसकर्मी उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं देते। जिसके बाद यह सवाल उठाना जायज है कि क्या हॉस्टल प्रशासन ने किसी को भी अंदर जाकर बातचीत करने से रोक रखा है? या उदित की मौत को लेकर मैनेजमेंट स्टाफ कुछ छिपाना चाहता है?
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