Naseemuddin Siddiqui: उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना त्यागपत्र भेजकर निजी और अपरिहार्य कारणों का हवाला दिया है। इस फैसले से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
कांग्रेस में उम्मीदें पूरी न होने का आरोप
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपने इस्तीफे में कहा कि वे जिन उद्देश्यों के साथ कांग्रेस में शामिल हुए थे, वे पूरे नहीं हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी के किसी पदाधिकारी से उनकी कोई व्यक्तिगत नाराजगी नहीं है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने उन्हें बड़े मुस्लिम चेहरे के रूप में आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन संगठन और चुनावी राजनीति में अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया।
Naseemuddin Siddiqui: कितने और नेताओं ने भी छोड़ी पार्टी?
नसीमुद्दीन के साथ करीब 72 अन्य नेताओं ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दिया है। इनमें पूर्व विधायक फरहत हसन उर्फ हाजी शब्बन, पूर्व एमएलसी हुस्ना सिद्दीकी, पूर्व विधायक राम जियावन, अफजल सिद्दीकी, समरपाल सिंह, नसीम खां सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं। इस सामूहिक इस्तीफे को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
अगला कदम क्या होगा?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी आजाद समाज पार्टी के संपर्क में हैं और संभव है कि वे चंद्रशेखर आजाद के साथ नया राजनीतिक सफर शुरू करें। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बसपा से राजनीतिक करियर शुरू करने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी अपनी मजबूत जमीनी पकड़ और प्रभावशाली भाषणों के लिए जाने जाते हैं। उनके इस्तीफे को यूपी की बदलती राजनीति में एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।







