Vitamin D Kidney Risk: आज के समय में अधिकतर युवा अपनी सेहत को लेकर चिंतित रहते हैं। यह एक अच्छी सोच है कि हमें रोजमर्रा की भागदौड़ से बाहर निकलकर अपने शरीर पर भी ध्यान देना चाहिए। लेकिन कई बार बिना किसी खनिज और विटामिन की पूरी जानकारी के ही हम उन्हें सही विकल्प मानकर लेना शुरू कर देते हैं।

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हर विटामिन का सेवन हमेशा सुरक्षित नहीं होता। विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाने, कैल्शियम के अवशोषण में मदद करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन अगर आप बिना सोचे-समझे या अधिक मात्रा में इसके सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। ऐसा इसलिए क्योंकि जिन सप्लीमेंट्स को आप सेहत के लिए फायदेमंद मानते हैं, वही विटामिन डी आपकी किडनी को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है।

Vitamin D Kidney Risk: ओवरडोज का सीधा असर किडनी पर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक या अधिक मात्रा में विटामिन डी के सप्लीमेंट लेने से विटामिन डी टॉक्सिसिटी की समस्या हो सकती है। इसका सबसे बड़ा असर किडनी पर पड़ता है। जब शरीर में विटामिन डी की मात्रा बहुत अधिक हो जाती है, तो खून में कैल्शियम का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाता है। इस स्थिति को चिकित्सा भाषा में हाइपरकैल्सीमिया कहा जाता है।
जब रक्त में कैल्शियम की मात्रा बढ़ जाती है, तो किडनी को इसे फिल्टर करने में परेशानी होती है। इससे किडनी में पथरी बनने का खतरा बढ़ जाता है और धीरे-धीरे किडनी की कार्यक्षमता कम होने लगती है। यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो गंभीर मामलों में यह किडनी फेल होने का कारण भी बन सकता है।

सुरक्षित रहने का सही तरीका
हर विटामिन और खनिज का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। ब्लड रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय किया जाता है कि आपके शरीर को किस विटामिन या मिनरल की जरूरत है। समय-समय पर ब्लड टेस्ट कराते रहें। संतुलित आहार, सही समय पर पर्याप्त नींद और सीमित मात्रा में धूप लेना शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। सही जानकारी और सावधानी के साथ ही सप्लीमेंट्स का सेवन करें, ताकि आपका शरीर सुरक्षित और स्वस्थ बना रहे।
Written by- Adarsh kathane







