INDIA EU: नई दिल्ली में आयोजित भारत-यूरोपीय यूनियन बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-ईयू साझेदारी को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाई देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय यूनियन के नेताओं की गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूदगी, भारत-ईयू के बीच सबसे बड़ा एफटीए और इतने बड़े स्तर पर बिजनेस फोरम का आयोजन ये सभी घटनाएं दोनों पक्षों के बीच मजबूत होते रिश्तों का संकेत हैं।
एफटीए और व्यापार से मजबूत हो रही साझेदारी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ईयू के बीच व्यापार पिछले 10 वर्षों में दोगुना होकर 180 बिलियन यूरो तक पहुंच गया है। भारत में 6,000 से अधिक यूरोपीय कंपनियां और ईयू में 1,500 भारतीय कंपनियां सक्रिय हैं। एफटीए को उन्होंने वैश्विक बिजनेस जगत के लिए सकारात्मक संदेश बताया।
INDIA EU: भरोसेमंद सप्लाई चेन पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में व्यापार, तकनीक और जरूरी खनिजों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में भारत और ईयू को मिलकर ईवी, बैटरी, चिप्स और एपीआई जैसे क्षेत्रों में बाहरी निर्भरता कम करने और भरोसेमंद सप्लाई चेन विकसित करने की जरूरत है।
ग्रीन टेक्नोलॉजी और नई साझेदारियां
पीएम मोदी ने डिफेंस, स्पेस, टेलीकॉम और एआई में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर एनर्जी, स्मार्ट ग्रिड, सस्टेनेबल मोबिलिटी और सर्कुलर इकोनॉमी में संयुक्त शोध और निवेश को भविष्य की प्राथमिकता बताया।
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