Bangladeshi Fishermen: लंबे समय के इंतज़ार के बाद आखिरकार 157 बांग्लादेशी मछुआरों को भारत की जेल से रिहा कर दिया गया है। ये सभी मछुआरे अब अपने देश बांग्लादेश लौट रहे हैं। बुधवार सुबह दक्षिण 24 परगना के नामखाना ब्लॉक स्थित फ्रेजरगंज मछली बंदरगाह से पांच ट्रॉलरों के जरिए उन्हें विदाई दी गई।
फ्रेजरगंज बंदरगाह से पांच ट्रॉलरों के साथ विदाई
इन मछुआरों को वर्ष 2025 में अलग-अलग समय पर बंगाल की खाड़ी में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा पार कर भारतीय जलसीमा में प्रवेश करने के आरोप में पकड़ा गया था। भारतीय तटरक्षक बल ने उन्हें हिरासत में लिया था और अवैध घुसपैठ व भारतीय क्षेत्र में मछली पकड़ने के मामले दर्ज किए गए थे। कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद वे कई महीनों तक भारतीय जेल में रहे। हाल ही में अदालत के आदेश के बाद उनकी रिहाई संभव हो सकी।

Bangladeshi Fishermen: भारतीय जेल में महीनों बाद मिली राहत
बुधवार सुबह करीब 10 बजे फ्रेजरगंज मछली बंदरगाह पर एक संक्षिप्त औपचारिक कार्यक्रम आयोजित कर मछुआरों को रवाना किया गया। इस मौके पर काकद्वीप के उप-मंडलाधिकारी प्रीतम साहा, नामखाना के बीडीओ सुब्रत मल्लिक, फ्रेजरगंज थाना प्रभारी सुदीप मंडल और भारतीय तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

भारत-बांग्लादेश कूटनीति से संभव हुआ प्रत्यावर्तन
प्रशासन के अनुसार, फ्रेजरगंज से रवाना हुए मछुआरों को आज शाम भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय जलसीमा तक ले जाया जाएगा। वहां भारतीय तटरक्षक बल उन्हें औपचारिक रूप से बांग्लादेश कोस्ट गार्ड को सौंपेगा। लंबे समय बाद अपने घर लौटने की खबर से मछुआरों के परिवारों में खुशी का माहौल है।
अधिकारियों ने बताया कि दोनों देशों के बीच कानूनी प्रक्रिया और कूटनीतिक बातचीत के जरिए ही यह प्रत्यावर्तन संभव हो पाया है। इसके साथ ही, पांच बांग्लादेशी ट्रॉलरों की आवश्यक मरम्मत के बाद उन्हें भी उनके मालिकों को सौंपा जा रहा है।
Report By: Pijush







