CM Yogi: उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरे योगी आदित्यनाथ जब गोरखपुर आते हैं, तो उनका हर पल सत्ता से नहीं, संस्कारों से जुड़ा होता है। बुधवार की सुबह भी कुछ ऐसी ही रही किसानों का सुरक्षा कवच बनी योगी सरकार की योजना, 873.58 करोड़ की सहायता वितरितपूरी तरह परंपरा, सेवा और संवेदना के रंग में डूबी।दिन निकलते ही सीएम योगी पहुंचे गोरखनाथ मंदिर।सबसे पहले शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का विधिवत दर्शन-पूजन किया। इसके बाद अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर मत्था टेककर आशीर्वाद लिया।
CM Yogi: गोशाला में योगी: नाम लेकर पुकारे गोवंश
मंदिर परिसर में आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री पहुंचे गोशाला।यहां उनका अंदाज़ पूरी तरह बदल गया—श्यामा… गौरी… गंगा… भोला…नाम सुनते ही गोवंश दौड़ते हुए उनके पास आ गए।सीएम योगी ने किसी नेता की तरह नहीं, एक सेवक की तरह माथा सहलाया, प्यार से दुलारा और अपने हाथों से गुड़-रोटी खिलाई।गोसेवा उनके लिए कार्यक्रम नहीं, दैनिक साधना है।
CM Yogi: बच्चों से मुलाकात: सख़्ती नहीं, स्नेह
भ्रमण के दौरान जब मंदिर आए बच्चों पर नज़र पड़ी, तो सीएम योगी ने उन्हें पास बुलाया।नाम पूछा, पढ़ाई के बारे में जाना, हल्की ठिठोली की और फिर वही वाक्य—“खूब पढ़ो, खूब आगे बढ़ो।”बच्चों को चॉकलेट दी, सिर पर हाथ फेरा और आशीर्वाद दिया। गोद में लेकर अन्नप्राशनयहीं नहीं—सीएम योगी ने दो छोटे बच्चों को गोद में लेकर उनका अन्नप्राशन संस्कार भी कराया।यह दृश्य बताता है कि सत्ता की ऊंचाई पर बैठा व्यक्ति भी जब संस्कारों से जुड़ा हो, तो दृश्य अपने आप ऐतिहासिक बन जाता है।
क्यों अलग है योगी की दिनचर्या?
क्योंकि यह सिर्फ मुख्यमंत्री की नहीं,एक महंत, एक गुरु और एक सेवक की दिनचर्या है।गोरखनाथ मंदिर में बिताई गई ये सुबह यही बताती है—योगी आदित्यनाथ के लिए सत्ता एक दायित्व है,लेकिन सेवा उनकी पहचान।
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