WhatsApp Strict Settings: इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म WhatsApp एक बार फिर वैश्विक चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X के मालिक Elon Musk द्वारा वॉट्सऐप की सुरक्षा को लेकर किए गए बयान के बाद यूज़र प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा पर सवाल उठने लगे। इसी पृष्ठभूमि में वॉट्सऐप ने तेजी से कदम उठाते हुए एक नया और सख्त सुरक्षा फीचर पेश किया है, जिसे ‘स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स’ नाम दिया गया है। कंपनी का दावा है कि यह फीचर यूज़र्स को साइबर ठगी और खतरनाक डिजिटल हमलों से बचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

क्या है ‘स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स’ फीचर
‘स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स’ वॉट्सऐप का एक उन्नत सुरक्षा फीचर है, जिसे डिजिटल लॉकडाउन के रूप में समझा जा सकता है। इस फीचर को एक्टिवेट करने के बाद यूज़र के अकाउंट पर अतिरिक्त सुरक्षा परत (Extra Security Layer) जुड़ जाती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि जिन मोबाइल नंबरों को यूज़र ने अपने फोन में सेव नहीं किया है, उनसे भेजे जाने वाले अटैचमेंट, फोटो, वीडियो और अन्य मीडिया फ़ाइलें अपने आप ब्लॉक हो जाती हैं। इससे अनजान स्रोतों से आने वाला संदिग्ध कंटेंट यूज़र तक नहीं पहुंच पाता।

WhatsApp Strict Settings: क्यों अहम है यह नया फीचर
आज के डिजिटल दौर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और वॉट्सऐप इसके प्रमुख माध्यमों में से एक बन गया है। फर्जी लिंक, APK फाइलें, जॉब ऑफर, लॉटरी मैसेज और बैंक से जुड़े धोखाधड़ी वाले संदेश अक्सर अनजान नंबरों से भेजे जाते हैं।
‘स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स’ फीचर ऐसे सभी खतरों को शुरुआती स्तर पर ही रोक देता है। यह फीचर खासतौर पर उन यूज़र्स के लिए जरूरी है जो पब्लिक प्लेटफ़ॉर्म पर अपना मोबाइल नंबर साझा करते हैं या जिनके पास रोज़ाना अनजान नंबरों से मैसेज आते हैं। इससे डेटा चोरी, अकाउंट हैक और आर्थिक नुकसान की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है।

एलन मस्क के बयान के बाद क्यों बढ़ा महत्व
एलन मस्क के यह कहने के बाद कि कुछ मैसेजिंग ऐप्स पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं, दुनियाभर में वॉट्सऐप की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई। हालांकि मस्क ने कोई तकनीकी प्रमाण पेश नहीं किया, लेकिन उनके बयान का असर इतना बड़ा था कि यूज़र्स में चिंता बढ़ने लगी। ऐसे समय में वॉट्सऐप द्वारा ‘स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स’ लॉन्च करना यह दर्शाता है कि कंपनी यूज़र ट्रस्ट और प्राइवेसी को लेकर गंभीर है और किसी भी तरह की आशंका को हल्के में नहीं ले रही।
कैसे काम करता है यह फीचर
यह फीचर बैकग्राउंड में काम करते हुए वॉट्सऐप अकाउंट पर आने वाले सभी इनकमिंग मीडिया और अटैचमेंट की जांच करता है। अगर मैसेज भेजने वाला नंबर यूज़र की कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव नहीं है, तो सिस्टम उस कंटेंट को डाउनलोड या ओपन होने से पहले ही रोक देता है। इससे मैलवेयर या वायरस वाले फाइल्स फोन में प्रवेश नहीं कर पाते और डिवाइस सुरक्षित रहता है।

ऐसे करें ‘स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स’ फीचर को ऑन (Step-by-Step)
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अपने मोबाइल में WhatsApp ऐप खोलें
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दाएं ऊपर दिए गए तीन डॉट्स (⋮) पर टैप करें
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Settings (सेटिंग्स) में जाएं
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अब Privacy (प्राइवेसी) विकल्प चुनें
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यहां आपको Security / Account Security से जुड़ा सेक्शन मिलेगा
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‘Strict Account Settings’ विकल्प को ON कर दें
ध्यान दें: यह फीचर चरणबद्ध तरीके से सभी यूज़र्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है। इसलिए अगर अभी आपके ऐप में न दिखे, तो वॉट्सऐप को लेटेस्ट वर्ज़न में अपडेट जरूर करें।
यूज़र्स के लिए क्या बदलेगा
इस फीचर के चालू होने के बाद यूज़र्स को अनजान नंबरों से आने वाले खतरनाक अटैचमेंट की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। स्कैम मैसेज और संदिग्ध फाइलें अपने आप ब्लॉक हो जाएंगी, जिससे अकाउंट और मोबाइल डिवाइस दोनों सुरक्षित रहेंगे। खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों और नए स्मार्टफोन यूज़र्स के लिए यह फीचर बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
Written by- Anurag Vishwakarma







