Uttar Pradesh: शाहजहांपुर जिले के एक छोटे से गांव में बुधवार रात जो हुआ, उसने पूरे इलाके को दहला दिया। एक साधारण परिवार, रोज़मर्रा की ज़िंदगी और मासूम बच्चों की हंसी सब कुछ एक ही रात में खून से लथपथ हो गया।बताया जा रहा है कि बटपुरा चंदू गांव निवासी 30 वर्षीय बलराम की शादी 12 साल पहले पूजा से हुई थी। दोनों के चार छोटे बच्चे थे और परिवार सामान्य जीवन जी रहा था। लेकिन रिश्तों के भीतर पनप रही दरार धीरे-धीरे एक खौफनाक साज़िश में बदल चुकी थी।
Uttar Pradesh: रात में सुनी गई चीख, सुबह खुला राज़
मृतक के छोटे भाई राजू के अनुसार, बुधवार देर रात करीब एक बजे उसने भाई के घर से चीखने की आवाज़ सुनी। जब बाहर निकलकर देखा तो उसका भांजा आदेश और दो अन्य युवक घर से निकलते दिखाई दिए। अंधेरा और घबराहट इतनी थी कि वह उन दो लोगों की पहचान नहीं कर सका।
सुबह जब वह मज़दूरी पर जाने के लिए भाई के घर पहुंचा, तो दरवाज़े पर सन्नाटा था। आवाज़ देने पर भाभी पूजा रोते-बिलखते बाहर आई, लेकिन कुछ कह नहीं सकी। अंदर जाकर जो दृश्य दिखा, उसने सभी के होश उड़ा दिए—बलराम का शव खून से सना पड़ा था।
Uttar Pradesh: खुद ही कर ली लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी
पहले तो पत्नी ने इसे आत्महत्या बताने की कोशिश की, लेकिन कमरे में फैला खून, गला कटा शव और हालात कुछ और ही कहानी बयान कर रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घर को सील कर साक्ष्य जुटाए गए और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
5 साल के बेटे की गवाही ने खोली पूरी साज़िश
पुलिस पूछताछ के दौरान सबसे चौंकाने वाला बयान बलराम के 5 साल के बेटे पवन ने दिया। मासूम बच्चे ने बताया कि रात में तीन लोग आए थे। मां ने दरवाज़ा खोला और फिर उन लोगों के साथ मिलकर उसके पिता की चाकू से हत्या कर दी। बच्चों को डराकर कमरे में बंद कर दिया गया।इस बयान के बाद पूरा मामला पलट गया।
Uttar Pradesh: अवैध रिश्ते बने कत्ल की वजह
परिजनों का आरोप है कि पूजा का अपने ही रिश्तेदार से लंबे समय से अवैध संबंध था। बलराम इसका विरोध करता था, जिससे घर में आए दिन झगड़े होते थे। कुछ महीने पहले पूजा घर छोड़कर चली गई थी, लेकिन हाल ही में लौटकर आई और उसी दौरान इस वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई जारी, आरोपी गिरफ्त में
एसपी राजेश द्विवेदी के अनुसार, पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बच्चे का बयान दर्ज किया गया है और अन्य आरोपियों की तलाश तेज़ कर दी गई है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। मां और चार बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़ बलराम ही अपने परिवार का सहारा था। उसकी मौत के बाद उसकी बुज़ुर्ग मां और चार मासूम बच्चे बेसहारा हो गए हैं। गांव में हर आंख नम है और हर जुबान पर बस एक ही सवाल—
क्या रिश्तों की अंधी चाह इंसान को इतना बेरहम बना सकती है?
ये भी पढ़े: कार में लिफ्ट का झांसा देकर युवती के साथ हैवानियत







