Bangal News: पश्चिम मेदिनीपुर जिले के घाटल ब्लॉक में अजबनगर दुआ ग्राम पंचायत के बूथ संख्या 187 पर एक 71 वर्षीय मतदाता शेख जाफर अली ने एसआईआर सुनवाई के दौरान अनोखा मौन विरोध किया। जफर अली ने अपने सिर पर एक संदूक रखा था, जिसमें उनके परिवार के कई पहचान पत्र, सुनवाई नोटिस और संपत्ति संबंधी दस्तावेज लटके हुए थे। यह प्रदर्शन उनके परिवार और खुद के दस्तावेजों पर उत्पीड़न और गलत प्रक्रियाओं के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध था।
संदूक और दस्तावेजों के साथ अनोखा विरोध
जफर अली ने बताया कि उन्हें पढ़ना-लिखना नहीं आता, इसलिए उन्होंने अपने परिवार के सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज एक संदूक में रखकर बीडीओ कार्यालय लाया। उनका कहना था कि अधिकारी इन दस्तावेजों को देख सकते हैं और यह मौन विरोध एसआईआर द्वारा किए गए अत्यधिक उत्पीड़न के प्रति उनकी नाराजगी को दर्शाता है। यह घटना घाटल बीडीओ कार्यालय में उपस्थित लोगों के लिए चौंकाने वाली थी और क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।
Bangal News: नाम में त्रुटि ने बढ़ाया विवाद
जफर अली को सुनवाई के लिए बुलाया गया क्योंकि मतदाता सूची में उनका नाम शेख जाफर अली शेख दर्ज था, जबकि उन्हें “शेख जाफर अली” ही बुलाया गया। इसी तार्किक त्रुटि के कारण उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया गया, जिससे उनका यह अनोखा विरोध सामने आया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और माहौल
इस दौरान बीडीओ या आयोग के किसी अधिकारी ने कोई बयान नहीं दिया। हालांकि, एक पुलिस अधिकारी ने आकर जफर अली को डिग्गी लेकर बीडीओ कार्यालय के बाहर जाने को कहा। इस घटना ने पश्चिम मेदिनीपुर में एसआईआर प्रक्रिया और दस्तावेजी कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं और क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।







