Virus news: भारत के बाद अब चीन में भी निपाह वायरस को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। चीन ने उन सभी देशों से आने वाली उड़ानों पर स्वास्थ्य जांच शुरू कर दी है, जहां निपाह वायरस के मामले सामने आए हैं। इसमें भारत भी शामिल है। बीजिंग एयरपोर्ट पर पहुंचे कुछ भारतीय यात्रियों ने बताया कि यात्रियों के स्वाब टेस्ट किए जा रहे हैं। हालांकि, चीनी अधिकारियों ने साफ किया है कि चीन में अब तक निपाह वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है।
भारत में कहां मिले निपाह के मरीज?
चीन के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण एवं रोकथाम प्रशासन के अनुसार, भारत में निपाह वायरस के हालिया मामले पश्चिम बंगाल में पाए गए हैं। यह राज्य चीन के साथ कोई भूमि सीमा साझा नहीं करता, इसलिए चीन पर इसका सीधा खतरा कम माना जा रहा है। राज्य संचालित अख़बार ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश से वायरस के आयात का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, इसी वजह से चीन ने एहतियाती कदम उठाते हुए निगरानी और जांच व्यवस्था को मजबूत किया है।
Virus news: कैसे फैलता है निपाह वायरस?
निपाह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित जानवरों संक्रमित व्यक्ति या दूषित वस्तुओं के सीधे संपर्क से फैलता है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह वायरस पर्यावरण में ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह पाता, इसलिए आम जनता के लिए संक्रमण का खतरा अपेक्षाकृत कम है। शेन्ज़ेन के थर्ड पीपुल्स हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉ. लू होंग्झौ ने बताया कि, निपाह वायरस में बार-बार फैलने की क्षमता होती है और इसकी मृत्यु दर काफी अधिक मानी जाती है।
निपाह वायरस के लक्षण क्या हैं?
निपाह वायरस मुख्य रूप से श्वसन तंत्र और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इसके प्रमुख लक्षण हैं: तेज बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी, भ्रम या चेतना में बदलाव, संक्रमण के 3 से 14 दिन बाद लक्षण दिखाई देते हैं।
Virus news: भारत और अन्य देशों की स्थिति
वर्तमान रिपोर्ट के अनुसार, भारत में निपाह वायरस के केवल दो पुष्ट मामले सामने आए हैं, जो दिसंबर 2025 में पश्चिम बंगाल से रिपोर्ट हुए थे। फिलहाल कोई बड़ा प्रकोप नहीं है। चीन के अलावा थाईलैंड, नेपाल, मलेशिया, सिंगापुर जैसे कई एशियाई देशों ने भी एयरपोर्ट स्क्रीनिंग बढ़ा दी है।
निपाह वायरस की शुरुआत कैसे हुई?
Virus news: निपाह वायरस (Nipah Virus – NiV) एक जूनोटिक वायरस है, यानी यह जानवरों से इंसानों में फैलता है। यह Paramyxoviridae परिवार और Henipavirus जीनस से संबंधित है। इस वायरस की पहचान पहली बार, 1998–99 में मलेशिया में हुई थी, जहां यह सूअरों के जरिए इंसानों में फैला। मुख्य स्रोत: फ्रूट बैट्स (चमगादड़), दूषित फल या खजूर का रस, संक्रमित व्यक्ति से सीधे संपर्क (भारत और बांग्लादेश में)।
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