Lakhimpur Kheri: एक तरफ जहां नगरपालिका प्रशासन ‘स्वच्छ नगरपालिका’ के बड़े-बड़े दावे करते हुए वाहवाही लूटने में जुटा है, वहीं मोहम्मदी की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। मोहम्मदी के बरवर रोड पर प्रशासन की घोर लापरवाही का एक ऐसा मंजर देखने को मिल रहा है, जिसने न केवल आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है, बल्कि धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुंचाई है।
कब्रों में भरा गंदा पानी
आज ‘शब-ए-बरात’ का मुकद्दस मौका है, जब मुस्लिम समुदाय के लोग अपने पूर्वजों (मरहूमों) की याद में कब्रिस्तान जाकर उनके लिए दुआएं मांगते हैं और फातिहा पढ़ते हैं। लेकिन बरवर रोड स्थित कब्रिस्तान की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। क्षेत्र का मुख्य नाला पूरी तरह चोक होने के कारण नाले का गंदा और बदबूदार पानी सड़कों से होता हुआ सीधे कब्रिस्तान के अंदर घुस रहा है। कब्रिस्तान में बनी कई कब्रें नाले के गंदे पानी में डूबी हुई हैं। ऐसे में इबादत के लिए आने वाले जायरीनों को भारी मुश्किलों और गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि पवित्र दिन होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने सफाई व्यवस्था की सुध नहीं ली।
Lakhimpur Kheri: आम जनता और स्कूली बच्चे बेहाल
नाले का पानी सिर्फ कब्रिस्तान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नाला ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़क पर बह रहा है। इसके कारण सड़क पर जलभराव और बदबू की वजह से बरवर रोड के दुकानदारों का व्यापार ठप होने की कगार पर है। सड़क पर बहते गंदे पानी की वजह से पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को गंदे छींटों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे इसी दूषित पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
जिम्मेदार बने ‘अंजान’
हैरानी की बात यह है कि मुख्य मार्ग होने के कारण अधिकारियों का इस ओर से लगातार आवागमन होता है, लेकिन सब कुछ जानते हुए भी नगर पालिका प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। नाले की सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है, जिसका खामियाजा आज आस्था और सफाई व्यवस्था दोनों को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस चोक नाले की तत्काल सफाई कराई जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
Report BY: संजय कुमार
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