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फरवरी की हल्की ठंड बन सकती है बीमारी की वजह, ऋतु परिवर्तन में रखें खास सावधानी

February Weather Change:

February Weather Change: फरवरी का महीना केवल त्योहारों और सुहाने मौसम के लिए ही नहीं, बल्कि बीमारियों के बढ़ते खतरे के लिए भी जाना जाता है। उत्तर भारत में इस समय दिन में तेज धूप और सुबह-शाम हल्की ठंड का मिश्रण रहता है। आयुर्वेद के अनुसार यही ऋतु परिवर्तन का समय होता है, जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता सबसे अधिक प्रभावित होती है।

धूप में लापरवाही पड़ सकती है भारी, बढ़ रहा संक्रमण का खतरा

दिन में धूप निकलने पर लोग गर्म कपड़े उतार देते हैं और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन शुरू कर देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसी लापरवाही के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और यहां तक कि टाइफाइड जैसी बीमारियों के मामले बढ़ जाते हैं। पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं और दिन की गर्माहट मिलकर वायरस और बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती हैं।

February Weather Change: होली तक बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा

फरवरी से मार्च, विशेषकर होली तक, वायरल संक्रमण के मामलों में तेजी देखी जाती है। बदलते मौसम में शरीर तुरंत खुद को अनुकूल नहीं बना पाता, जिससे रोगों की चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है।

February Weather Change: आयुर्वेद की सलाह: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं

आयुर्वेद में इस मौसम को स्वास्थ्य की दृष्टि से संवेदनशील माना गया है। विशेषज्ञों के अनुसार इस समय शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाना बेहद जरूरी है।

1. गिलोय और तुलसी का काढ़ा

आयुर्वेद में गिलोय को ‘अमृता’ कहा गया है। गिलोय और तुलसी का काढ़ा संक्रमण से बचाव में सहायक माना जाता है। प्रतिदिन सुबह इन दोनों का काढ़ा पीने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और मौसमी बीमारियों का खतरा कम होता है।

2. सोंठ और शहद का सेवन

सोंठ और शहद का मिश्रण खांसी और गले के संक्रमण में लाभकारी माना जाता है। यह फेफड़ों में जमा कफ को ढीला कर बाहर निकालने में मदद करता है। नियमित सेवन से सर्दी-जुकाम से राहत मिलती है।

क्या करें और क्या न करें

  • पूरे महीने गुनगुना पानी पिएं।

  • फ्रिज का ठंडा पानी और ठंडे पेय पदार्थों से बचें।

  • दही और आइसक्रीम जैसी ठंडी तासीर वाली चीजों का सेवन कम करें।

  • मौसम हल्का गर्म लगे तब भी पूरी तरह गर्म कपड़े त्यागने की जल्दबाजी न करें।

  • आहार में हल्का, सुपाच्य और गर्म तासीर वाला भोजन शामिल करें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऋतु परिवर्तन के इस समय थोड़ी सी सावधानी बड़ी बीमारियों से बचा सकती है। फरवरी की हल्की ठंड को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।

यह भी पढे़ : Healthy Habits: गुनगुना पानी, योग और संतुलित भोजन, सेहत के आसान मंत्र

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