Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर वर्ली स्थित नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम में शनिवार से दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला ‘नए क्षितिज’ का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने संगठन की भूमिका, समाज की एकता और भारत के भविष्य को लेकर अपने विचार रखे।
प्रधानमंत्री मोदी को लेकर स्पष्ट किया संघ का रुख
अपने संबोधन में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आरएसएस से नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कहा, “बहुत लोग कहते हैं कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं, आरएसएस के हैं। वे प्रधानमंत्री हैं, उनकी राजनीतिक पार्टी भाजपा है। उसमें संघ के स्वयंसेवक जरूर हैं और प्रभावी भी हैं, लेकिन संघ और पार्टी अलग-अलग हैं।”
Mohan Bhagwat: समाज को संगठित करना ही संघ का एकमात्र उद्देश्य
भागवत ने कहा कि संघ का उद्देश्य किसी अलग संगठन को खड़ा करना नहीं, बल्कि पूरे समाज को संगठित करना है। उन्होंने कहा, “समाज को संगठित करने का काम समय और समर्पण मांगता है। हमारे स्वयंसेवकों के पास दूसरे कामों की फुर्सत नहीं होती। संघ ने तय किया है कि समाज को संगठित करने के अलावा वह कोई दूसरा काम नहीं करेगा।”
एकता से ही फिर से गुलामी रोकी जा सकती है
आरएसएस प्रमुख ने समाज की एकता पर जोर देते हुए कहा, “फिर से गुलामी नहीं आएगी, इसकी गारंटी हमारी एकता से ही है।” उन्होंने हिंदू समाज की परिभाषा पर भी प्रकाश डाला और कहा कि हिंदू कोई संकीर्ण धर्म नहीं, बल्कि जीवन पद्धति है।
Mohan Bhagwat: हिंदू समाज की चार श्रेणियां
भागवत ने कहा, “भारत में चार तरह के हिंदू हैं—जो गर्व से कहते हैं कि हम हिंदू हैं, जो स्वीकार करते हैं, जो धीरे से कहते हैं और जो भूल गए हैं।” उन्होंने कहा कि भारत का सनातन स्वभाव नहीं बदल सकता।
सलमान खान का उदाहरण देकर समाज पर प्रभाव की बात
कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। डॉ. भागवत ने कहा, “सिनेमा में सलमान खान जो पहनते हैं, कॉलेज के छात्र वही पहनते हैं। समाज फैशन से चलता है और फैशन बनाने वाले ही समाज के विश्वासपात्र होते हैं।”
Mohan Bhagwat: कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
कार्यक्रम में फिल्म निर्देशक सुभाष घई, अभिनेत्री व सांसद हेमा मालिनी, गायिका अनुराधा पौडवाल, उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, एनएसई चेयरमैन आशीष चौहान, नीलेश शाह सहित फिल्म, उद्योग और सामाजिक क्षेत्र की कई नामी हस्तियां शामिल हुईं। सभी ने आरएसएस को राष्ट्रहित में कार्य करने वाला संगठन बताया।
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