India AI Mission: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कहा कि भारत की सॉवरेन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति अब ज़मीन पर असर दिखाने लगी है। उन्होंने देश के स्टार्टअप सर्वम एआई द्वारा विकसित एक उन्नत एआई मॉडल की खुले तौर पर सराहना की।
सर्वम एआई की स्वदेशी तकनीक की सराहना
पिछले वर्ष सरकार ने सर्वम एआई को भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फाउंडेशनल मॉडल विकसित करने के लिए चुना था। कुल 67 प्रस्तावों में से सर्वम एआई को इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था, जिससे यह देश का पहला स्वदेशी फाउंडेशनल एआई मॉडल बनाने वाला स्टार्टअप बना।
अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि एआई मिशन के तहत सर्वम द्वारा विकसित किए गए उन्नत मॉडल को लेकर पहले आलोचना करने वाले लोग भी अब उसकी तारीफ कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के युवा और प्रतिभाशाली इंजीनियर मटेरियल साइंस, हेल्थकेयर और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में ऐसे नवाचार कर रहे हैं, जिन्हें आने वाले समय में दुनिया पाथब्रेकिंग तकनीक के रूप में देखेगी।
Our sovereign model strategy is delivering results.
Even the most critical reviewers are praising the technologically advanced model released by Sarvam as a part of our AI mission.
In parallel, our smart young engineers are working on innovations in materials science,… https://t.co/PA8zR4xq9d
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) February 8, 2026
India AI Mission: इंडियाएआई मिशन के लिए बड़ा सरकारी निवेश
सर्वम एआई ने खासतौर पर भारतीय भाषाओं के लिए अत्याधुनिक टेक्स्ट से आवाज, आवाज से टेक्स्ट और ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन यानी ओसीआर मॉडल विकसित किए हैं, जिन्हें अब तक के बेहतरीन मॉडलों में गिना जा रहा है। पिछले साल दिसंबर में सर्वम एआई के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने इंडिया एआई मिशन के तहत मल्टीलिंगुअल एआई सिस्टम का प्रदर्शन किया था। इनमें भारतीय भाषाओं के लिए तैयार किया गया भारत का पहला सॉवरेन फाउंडेशनल लार्ज लैंग्वेज मॉडल भी शामिल था।
भारत में एआई से जुड़ा मजबूत ढांचा तैयार करने के लिए मोदी सरकार ने वर्ष 2024 में इंडिया एआई मिशन को मंजूरी दी थी। इस मिशन के लिए 10,300 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। अगले पांच वर्षों में मिलने वाली यह राशि इंडिया एआई मिशन के अलग-अलग कार्यक्रमों और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में इस्तेमाल की जाएगी।
भारत बनेगा वैश्विक एआई केंद्र
पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टार्टअप्स से अपील की थी कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग समाज के हित में करें। उन्होंने 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर भारतीय एआई स्टार्टअप्स के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि एआई को सस्ता, सबके लिए उपयोगी और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी जानकारी दी कि भारत 16 से 20 फरवरी तक ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ की मेज़बानी करेगा। इस आयोजन के माध्यम से भारत वैश्विक तकनीकी मंच पर अपनी मजबूत भूमिका दिखाएगा। उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि भारतीय एआई मॉडल अलग पहचान वाले हों और उनमें स्थानीय सामग्री, स्वदेशी दृष्टिकोण और क्षेत्रीय भाषाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।







