Health Tips: अक्सर घरों में खर्राटों को गहरी और ‘घोड़े बेचकर सोने’ वाली नींद का प्रतीक माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह सोच जानलेवा साबित हो सकती है? मेडिकल साइंस की मानें तो खर्राटे लेना कोई साधारण बात नहीं है, बल्कि यह शरीर के भीतर पनप रही गंभीर बीमारियों का एक बड़ा संकेत है।
Health Tips: आइए विस्तार से समझते हैं कि खर्राटों की गूँज आपके शरीर के किन हिस्सों को नुकसान पहुँचा रही है।
स्लीप एपनिया: जब सोते समय रुकने लगती है सांस
खर्राटों का सबसे डरावना रूप ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) है। इसमें सोते समय गले की मांसपेशियां ढीली होकर सांस के रास्ते को पूरी तरह ब्लॉक कर देती हैं। इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई बार-बार रुकती है, जिससे व्यक्ति की नींद अचानक टूट जाती है। यह स्थिति शरीर के अंगों पर भारी दबाव डालती है।
दिल का दौरा पड़ने का खतरा (हार्ट हेल्थ)
खर्राटे लेने वाले लोगों का दिल कभी आराम नहीं कर पाता। विशेषज्ञों के अनुसार, सांस में रुकावट के कारण दिल को खून पंप करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। कई शोधों में यह साबित हुआ है कि जो लोग तेज़ खर्राटे लेते हैं, उनमें हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट की संभावना सामान्य लोगों से कहीं अधिक होती है।
हड्डियों का कमज़ोर होना और फ्रैक्चर
हैरानी की बात है कि खर्राटे आपकी हड्डियों को भी खोखला कर सकते हैं। हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, स्लीप एपनिया से शरीर में सूजन (Inflammation) बढ़ती है, जो हड्डियों के घनत्व (Density) को कम कर देती है। इससे महिलाओं में हड्डियों के टूटने का खतरा दोगुना हो जाता है और यहाँ तक कि दांत भी समय से पहले ढीले हो सकते हैं।
कैंसर जैसी घातक बीमारी का संकेत
रिसर्चर्स का मानना है कि जब खर्राटों की वजह से खून में ऑक्सीजन का स्तर बार-बार गिरता है, तो यह हमारे DNA को नुकसान पहुँचा सकता है। DNA में होने वाले ये हानिकारक बदलाव भविष्य में कैंसर के खतरे को काफी हद तक बढ़ा देते हैं।
साइलेंट किलर: ब्लड प्रेशर और तनाव
जब सोते समय शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो दिमाग ‘स्ट्रेस मोड’ में चला जाता है। इससे शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन निकलते हैं, जो ब्लड प्रेशर को अचानक बढ़ा देते हैं। यही कारण है कि खर्राटे लेने वाले लोग अक्सर हाइपरटेंशन (High BP) के शिकार हो जाते हैं।
इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज
खर्राटे और अधूरी नींद शरीर की चयापचय क्रिया (Metabolism) को बिगाड़ देते हैं। इसकी वजह से शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता, जिसे ‘इंसुलिन रेजिस्टेंस’ कहते हैं। नतीजतन, ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित हो जाता है और व्यक्ति को डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है।
Health Tips: सामान्य खर्राटे और बीमारी में कैसे फर्क करें?
सामान्य खर्राटे: ये हल्के होते हैं और थकान या नाक बंद होने की वजह से आ सकते हैं। ये सेहत के लिए बहुत खतरनाक नहीं होते।
खतरनाक खर्राटे: अगर खर्राटे बहुत तेज़ हैं, सोते समय दम घुटने जैसा महसूस होता है या दिन भर थकान और सिरदर्द रहता है, तो यह स्लीप एपनिया हो सकता है।
डॉक्टर की सलाह: यदि आप या आपके घर में कोई भी व्यक्ति तेज़ खर्राटों की समस्या से परेशान है, तो इसे केवल एक ‘आदत’ न समझें। यह समय रहते डॉक्टर से परामर्श करने और स्लीप टेस्ट कराने का संकेत है।
नोट: यह लेख केवल जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह अनिवार्य है।
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