UP News: उत्तरप्रदेश की विधानपरिषद में मंगलवार को सरकारी भर्तियों में आरक्षण के मुद्दे पर सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाया। प्रश्नकाल के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं सदन के नेता केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
विभागों को जारी किए गए सख्त निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि 30 दिसंबर 2025 को प्रदेश के सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि प्रत्येक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
UP News: उल्लंघन पर होगी कठोर कार्रवाई
मौर्य ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भर्ती में आरक्षण नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलती है तो निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं करेगी और भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
UP News: सामाजिक न्याय की प्रतिबद्धता दोहराई
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मौर्य ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान नियुक्तियों में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद हावी रहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार संविधान में प्रदत्त आरक्षण व्यवस्था को सख्ती से लागू कर रही है और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध है। सदन में उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी नियुक्तियां संविधान और कानून के अनुरूप होंगी तथा पिछड़े वर्ग, दलितों, आदिवासियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अधिकारों पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी।
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