NEW DELHI: राजधानी दिल्ली में खुले सीवर और नालों को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जनकपुरी में हुए हादसे के कुछ ही दिनों बाद अब रोहिणी से ऐसी ही दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां एक 27 वर्षीय युवक की खुले नाले में गिरने से मौत हो गई। लगातार हो रही घटनाओं ने प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
NEW DELHI: रोहिणी सेक्टर-32 में हुआ हादसा
मंगलवार दोपहर करीब 2:36 बजे बेगमपुर थाना पुलिस को पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिली कि रोहिणी सेक्टर-32 स्थित काली मंदिर के पास एक युवक खुले नाले में गिरकर लापता हो गया है। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, डीडीए और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
काफी तलाश के बाद नाले से युवक का शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान बिरजू कुमार राय के रूप में हुई है, जो बिहार का निवासी था और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। शव को पोस्टमार्टम के लिए आंबेडकर अस्पताल के मुर्दाघर में भेज दिया गया है।
NEW DELHI: पुलिस जांच में सामने आई यह बात
प्राथमिक जांच में पता चला है कि बिरजू सोमवार शाम करीब 7:30 बजे अपने दोस्त बुधान दास के साथ झुग्गी की ओर लौट रहा था। पुलिस के अनुसार दोनों ने शराब का सेवन किया हुआ था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से बिरजू खुले नाले में जा गिरा बताया जा रहा है कि उसका साथी भी नशे में था और रात में किसी को सूचना नहीं दे सका। अगले दिन होश में आने के बाद उसने घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित सीवर डीडीए के अधीन है और उसका ढक्कन खुला हुआ था। इस मामले में लापरवाही को लेकर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
चार दिन में दूसरी मौत, प्रशासन पर उठे सवाल
यह घटना उस समय सामने आई है जब 6 फरवरी को जनकपुरी इलाके में भी एक युवक की खुले गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। उस हादसे में कमल नामक युवक दिल्ली जल बोर्ड के खुले गड्ढे में गिर गया था, जिससे उसकी जान चली गई।जनकपुरी मामले में संबंधित कॉन्ट्रैक्टर हिमांशु गुप्ता को द्वारका कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। अदालत ने 18 फरवरी तक उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई पर रोक लगा दी है। पुलिस ने उन्हें जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया था, हालांकि उन्होंने बीमारी का हवाला देकर तत्काल पेशी से छूट मांगी थी। बताया जा रहा है कि वह जल्द ही संबंधित थाने में उपस्थित होकर जांच में सहयोग करेंगे।
NEW DELHI: सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर चिंता
लगातार हो रहे इन हादसों ने राजधानी में खुले नालों और गड्ढों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर सीवर के ढक्कन टूटे या खुले पड़े हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।अब सवाल यह उठ रहा है कि जिम्मेदार विभाग कब तक लापरवाही बरतते रहेंगे और आम लोगों की जान जोखिम में पड़ती रहेगी? प्रशासन की ओर से सख्त कदम उठाए जाने की मांग तेज हो रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।दिल्ली में चार दिन के भीतर दो जानलेवा हादसों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लापरवाही की कीमत आम नागरिकों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।







