Aniruddhacharya News: वृंदावन के प्रसिद्ध भागवत कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज की कथा इस सप्ताह विवादों के घेरे में आ गई है। 5 फरवरी से बिहार के रक्सौल हवाई अड्डा परिसर में चल रही कथा के चौथे दिन भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जैसे ही अनिरुद्धाचार्य महाराज पंडाल पहुंचे, बड़ी संख्या में लोग अंदर घुसने लगे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन हालात बिगड़ गए और अंततः पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
Aniruddhacharya News: मंच से अनावश्यक आरोप और तीखी भाषा
पांचवें दिन कथा के दौरान अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कथामंच से आक्रोशपूर्ण बयान दिए। उन्होंने रक्सौल नगर परिषद पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और कहा कि कथा आयोजन में किसी का भी पैसा नहीं लगा है, किसी के बाप का पैसा नहीं लिया गया। उनका यह कथन स्थानीय लोगों के लिए विवादित साबित हुआ और नाराजगी फैल गई।मीडिया द्वारा लाठीचार्ज की खबर दिखाए जाने पर उन्होंने राष्ट्रीय मीडिया को झूठ फैलाने वाला बताया और कहा कि नगर परिषद से सवाल करना चाहिए कि शौचालय क्यों हटाए गए। महाराज ने स्पष्ट किया कि कथा आयोजन में किसी से एक रुपया भी नहीं लिया गया।
Aniruddhacharya News: स्थानीय प्रशासन और सहयोगियों का पक्ष
रक्सौल नगर परिषद के प्रतिनिधियों ने अनिरुद्धाचार्य के आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि आयोजन के लिए शहर में प्रचार-प्रसार किया गया, सफाई कर्मी और चलंत शौचालय लगाए गए, और सीमित संसाधनों के बावजूद कर्मचारियों को लगातार तैनात किया गया।स्थानीय नेताओं और युवाओं ने भी बताया कि रक्सौल और नेपाल के बीरगंज क्षेत्र से सहयोग और चंदा जुटाकर आयोजन में मदद की गई। जदयू के उपाध्यक्ष सन्नी कुमार ने कहा कि उन्होंने खुद आयोजनकर्ता के साथ घूम-घूमकर चंदा जुटाया।
सुरक्षा और श्रद्धालुओं की भागीदारी
भागवत कथा के दौरान मोतिहारी पुलिस ने QRT टीम, स्कॉट और अन्य थानों की मदद से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की। वहीं, SSB 47 बटालियन ने कथावाचक का सम्मान किया। कथा में लाखों श्रद्धालु शामिल हुए और विधायक प्रमोद सिन्हा एवं पश्चिमी चंपारण सांसद डॉ. संजय जायसवाल भी उपस्थित रहे।
Aniruddhacharya News: विवाद और भावनाएँ
कथावाचक के तीखे बयान और भीड़ प्रबंधन के मुद्दों ने रक्सौल में चिंता और नाराजगी बढ़ा दी है। वहीं, आयोजनकर्ताओं का कहना है कि पूरी व्यवस्था स्थानीय सहयोग से ही की गई और किसी बाहरी मदद की जरूरत नहीं पड़ी।भागवत कथा 11 फरवरी तक चलने वाली है, और आयोजक एवं प्रशासन दोनों ही इसे सुचारू रूप से संपन्न कराने में जुटे हैं।







