UP News: मुरादाबाद जनपद के थाना सिविल लाइन क्षेत्र के अगवानपुर स्थित दीवान शुगर मिल में देर रात एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी। मिली जानकारी के अनुसार, मिल में काम कर रहे अरविंद नामक एक मजदूर की मशीन की चलती चेन बेल्ट में फंसने से मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों ने लगाया क्या आरोप?
घटना के समय मिल परिसर में हड़कंप मच गया और आसपास के कर्मचारियों में अफरातफरी का माहौल बन गया। हादसा करीब रात 12 बजे हुआ, जब अरविंद मशीन के मेल बेल्ट के पास काम कर रहे थे और अचानक उनकी शर्ट या हाथ चलती चेन में फंस गई। स्थानीय सूत्रों और परिजनों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद भी मशीन को रोका नहीं गया, जिससे अरविंद को बचाया नहीं जा सका। परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद लगभग छह घंटे तक उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि घटना के समय एक साथी कामगार ने मशीन रोकने का प्रयास किया, लेकिन मिल के कुछ कर्मचारी और स्टाफ ने इसे अनदेखा कर दिया। इस लापरवाही ने न केवल एक युवा जीवन को समाप्त कर दिया बल्कि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों की फोर्स तैनात की गई। साथ ही फॉरेंसिक टीम, क्षेत्राधिकारी सिविल लाइंस और एसपी सिटी भी घटनास्थल पर पहुंचे और सभी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। परिवार ने मिल प्रबंधन पर पहले भी ऐसी लापरवाहियों का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मिल में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन हर बार किसी न किसी दबाव या समझौते के जरिए मामले को दबा दिया गया। परिवार ने यह भी सवाल उठाया कि जिस जगह हादसा हुआ वहां सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे थे, जो सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर अनदेखी को दर्शाता है।
UP News: पुलिस का बयान
इस मामले में मिल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, जब मिल के जीएम से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने सीसीटीवी और हादसे पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने केवल यह स्वीकार किया कि व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है और भविष्य में इसे बेहतर बनाने का आश्वासन दिया। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आएगी। स्थानीय प्रशासन और समाज में यह मामला गंभीर चिंता का विषय बन गया है, खासकर मजदूरों की सुरक्षा और औद्योगिक सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर। वहीं इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मिलों और फैक्ट्रियों में कर्मचारियों की सुरक्षा को पर्याप्त महत्व दिया जा रहा है या इसे केवल औपचारिकता तक ही सीमित रखा गया है।
Report By: सलमान युसूफ
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