Supreme Court: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में हुई हिंसा की एनआईए जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार की उस याचिका को कलकत्ता हाईकोर्ट वापस भेज दिया, जिसमें एनआईए जांच को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट राज्य सरकार द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर दोबारा विचार करे। साथ ही एनआईए को अपनी जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में सीलबंद लिफाफे में जमा करने का निर्देश दिया गया है।
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच करेगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच करेगी, जहां इस मुद्दे से जुड़ी याचिका पहले से लंबित है। अदालत ने कहा कि एनआईए जांच का औचित्य हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।
Supreme Court: केंद्र और राज्य आमने-सामने
केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने दलील दी कि बांग्लादेश से सटी ‘पोरस बॉर्डर’ पर गंभीर हिंसा हुई थी, जिसमें घातक हथियारों का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार एनआईए को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा रही है और अदालत से निर्देश जारी करने की मांग की।
कैसे भड़की थी हिंसा
यह हिंसा 16 जनवरी को उस समय भड़की थी, जब झारखंड में मारे गए प्रवासी मजदूर अलाउद्दीन शेख का शव बेलडांगा लाया गया। आरोप था कि उन्हें बांग्ला भाषी होने के कारण बांग्लादेशी समझकर हत्या की गई। शव पहुंचने के बाद विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम के दौरान हालात बिगड़ गए थे।
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