Uttam Swami Case: दुष्कर्म के आरोपों में घिरे श्री पंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर एवं कथावाचक उत्तम स्वामी इन दिनों जबलपुर के भेड़ाघाट क्षेत्र स्थित हीरापुर में अपने आश्रम में भागवत कथा कर रहे हैं। कथा का आयोजन 9 फरवरी से 15 फरवरी तक निर्धारित है। आश्रम परिसर लगभग 10 एकड़ में फैला है।
कथा विलंब से शुरू, तबीयत खराब होने की सूचना
शुक्रवार को दोपहर 2 बजे शुरू होने वाली कथा साढ़े 3 बजे तक प्रारंभ नहीं हो सकी। आश्रम सूत्रों के अनुसार, महामंडलेश्वर अपने कक्ष से बाहर नहीं निकले। बाद में आयोजन स्थल से सूचना दी गई कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। इसके बाद एक शिष्य ने व्यासपीठ से कथा का वाचन प्रारंभ किया। कथा स्थल लगभग 5 हजार वर्गफीट क्षेत्र में बना है, जहां करीब 3 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
Uttam Swami Case: आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
सूत्रों का कहना है कि उत्तम स्वामी ने स्वयं को कक्ष में रखा है और आरोपों पर उनकी ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पंच अग्नि अखाड़े का मुख्यालय वाराणसी में है, जबकि इसकी शाखाएं प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन, नासिक और जूनागढ़ में हैं। अखाड़े के महामंडलेश्वर ईश्वरानन्द महाराज को ध्यान योगी उत्तम स्वामी के नाम से भी जाना जाता है।
Uttam Swami Case: युवती ने सुरक्षा की मांग की
राजस्थान निवासी एक युवती ने उत्तम स्वामी पर गंभीर यौन शोषण और दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं। युवती ने 12 फरवरी को दिल्ली पुलिस आयुक्त को संदेश भेजकर सुरक्षा की मांग की है। उसका कहना है कि शिकायत दर्ज कराने की जानकारी मिलते ही उसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से धमकियां मिल रही हैं तथा समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। युवती ने आशंका जताई है कि आरोपी के प्रभाव के कारण साक्ष्यों से छेड़छाड़ की जा सकती है।
नाबालिग अवस्था से शोषण का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जब वह नाबालिग थी, तभी से धर्म और आस्था के नाम पर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर उसे डराया-धमकाया गया। उसने कहा कि उसके पास आरोपों से जुड़े प्रमाण हैं और वह विधिक कार्रवाई करना चाहती है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
मामले को लेकर मध्य प्रदेश में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कांग्रेस नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की जांच की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
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