UP News: महानगर में वैलेंटाइन डे के विरोध को लेकर शिवसेना के युवा कार्यकर्ताओं ने व्यापक स्तर पर अभियान चलाया। संगठन की ओर से शहर के विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट, मॉल और गिफ्ट सेंटर संचालकों को चेतावनी पत्र सौंपकर 14 फरवरी को किसी भी प्रकार के विशेष आयोजन, सजावट या प्रचार-प्रसार से दूर रहने की अपील की गई।
यह अभियान जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा के निर्देश पर तथा युवा सेना महानगर प्रमुख शिबू पांडे के नेतृत्व में चलाया गया। लगभग 50 युवा शिव सैनिकों की टीम ने शहर के प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों—राजन होटल, होटल ग्रैंड सांई, कक्कड़ गिफ्ट शॉप, होटल राज महल, कुंदन रेस्टोरेंट, सुगंध रेस्टोरेंट, नंदन रेस्टोरेंट, केएफसी रेस्टोरेंट और वेव मॉल—समेत कई स्थानों पर पहुंचकर वैलेंटाइन डे से जुड़े आयोजनों का विरोध दर्ज कराया।
भारतीय संस्कृति के विरुद्ध बताया वैलेंटाइन डे
युवा सेना पदाधिकारियों का कहना है कि वैलेंटाइन डे भारतीय संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उनका आरोप है कि इस प्रकार के आयोजनों से पश्चिमी संस्कृति को बढ़ावा मिलता है, जो युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। उन्होंने कहा कि संगठन भारतीय सभ्यता, संस्कार और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

शिबू पांडे ने कहा कि सभी व्यापारियों और प्रतिष्ठान संचालकों से विनम्र अपील की गई है कि वे इस दिन किसी भी प्रकार के विशेष कार्यक्रम, थीम पार्टी, ऑफर या प्रचार अभियान का आयोजन न करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अपील की अनदेखी की गई तो संगठन की ओर से खुला और उग्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रतिष्ठान की होगी।
UP News: शहर के प्रमुख प्रतिष्ठानों में पहुंची टीम
अभियान के दौरान शिव सैनिकों की टीम ने शहर के प्रमुख होटलों और मॉल्स का दौरा किया। कई स्थानों पर संचालकों से वार्ता कर ज्ञापन सौंपा गया। कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हुए संगठन के रुख से अवगत कराया।
इस अभियान में प्रमुख रूप से मृणु उपाध्याय, शिबू पांडे, आकाश सिंह, अरुण ठाकुर, उमेश ठाकुर, मयंक सैनी, जीतू, विक्की, महेश सहित युवा सेना के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रशासन की नजर
वैलेंटाइन डे को लेकर हर वर्ष शहर में अलग-अलग संगठनों की सक्रियता देखी जाती रही है। ऐसे में इस बार भी प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
फिलहाल, शिवसेना के इस अभियान के बाद शहर के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में चर्चा का माहौल है। अब यह देखना होगा कि 14 फरवरी को शहर में किस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होते हैं और विरोध का क्या असर दिखाई देता है।
Report By: सलमान युसूफ
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