UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने आज, दिनांक 14 फरवरी 2026 को अपने प्रवास के दौरान गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम का आयोजन किया। कड़ाके की ठंड और सुबह की ओस के बावजूद प्रदेश के कोने-कोने से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे सैकड़ों फरियादियों के बीच मुख्यमंत्री खुद पहुंचे। उन्होंने न केवल लोगों की समस्याओं को अत्यंत धैर्यपूर्वक सुना, बल्कि मौके पर मौजूद प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जन-समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
जनता की पीड़ा का समाधान ही सरकार का संकल्प
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक-एक व्यक्ति के पास स्वयं चलकर गए और उनके प्रार्थना पत्रों को स्वीकार किया। इस दौरान जमीन विवाद, पुलिसिया कार्रवाई में देरी और गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु आर्थिक सहायता की मांग से संबंधित शिकायतों की भरमार रही। मुख्यमंत्री ने एक-एक फरियादी को आश्वस्त करते हुए कहा, “घबराइए मत, आपकी समस्या का समाधान करना शासन और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी है।”

विशेष रूप से इलाज के लिए सहायता मांगने आए लोगों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित अस्पतालों से एस्टीमेट प्राप्त कर शासन को जल्द से जल्द भेजा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि धन के अभाव में किसी भी नागरिक का इलाज बाधित नहीं होना चाहिए।
UP News: भारतीय संस्कृति का संदेश
जनता दर्शन संपन्न करने के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर परिसर स्थित विशाल गौशाला पहुंचे। मुख्यमंत्री की गौ-सेवा के प्रति अटूट आस्था एक बार फिर देखने को मिली। उन्होंने वहां मौजूद गायों और बछड़ों को बड़े दुलार से पुकारा, जिसके बाद गोवंश उनके पास दौड़कर आ गए। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से गायों को गुड़ और हरा चारा खिलाया। गौशाला के सेवादारों से बातचीत करते हुए उन्होंने गोवंश के स्वास्थ्य और उनके टीकाकरण के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ-सेवा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशाला में स्वच्छता और गायों के उचित रखरखाव में कोई कोताही न बरती जाए।
लापरवाह अधिकारियों को ‘जीरो टॉलरेंस’ की चेतावनी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के तेवर उन अधिकारियों के प्रति काफी सख्त नजर आए, जिनके क्षेत्रों से बार-बार एक ही तरह की शिकायतें आ रही थीं। उन्होंने मंडल और जिले के आला अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि तहसील और थाना स्तर पर ही जनता की समस्याओं का निस्तारण हो जाना चाहिए। यदि किसी फरियादी को अपनी छोटी सी समस्या के लिए मुख्यमंत्री तक आना पड़ रहा है, तो यह संबंधित विभाग की विफलता मानी जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों में अधिकारी स्वयं मौके पर जाएं और दोनों पक्षों को सुनकर न्यायपूर्ण निस्तारण करें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार या कार्य में लापरवाही करने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

जनता दर्शन में अपने माता-पिता के साथ आए नन्हे-मुन्ने बच्चों को देखकर मुख्यमंत्री का वात्सल्य भाव जाग उठा। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट और बिस्कुट उपहार स्वरूप भेंट किए और उनसे उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों को प्रेरित किया कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं, सरकार उनकी हर संभव मदद के लिए तैयार है। 14 फरवरी 2026 का यह ‘जनता दर्शन’ एक बार फिर इस बात का प्रमाण रहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए जन-सेवा ही सर्वोपरि है। गोरखनाथ मंदिर की इस चौपाल ने आम आदमी के मन में यह विश्वास और मजबूत किया है कि राज्य का मुखिया स्वयं उनके दुखों को सुनने के लिए उपलब्ध है।
Report By: संजय कुमार
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