Ayodhya News: अयोध्या में स्थित पवित्र गुप्तार घाट एक बार फिर अपनी ऐतिहासिक आभा के साथ निखरता दिखाई दे रहा है। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक इस स्थल को नए रूप में संवारने का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। राज्य सरकार की पहल पर यहां व्यापक विकास कार्य कराए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य इसे राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाना है।तीसरे चरण का कार्य अब लगभग पूर्णता की ओर है और अनुमान है कि होली तक यहां तैयार किया जा रहा ओपन एयर थिएटर आमजन के लिए खोल दिया जाएगा। इस थिएटर के निर्माण पर लगभग 18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। विशेष बात यह है कि यहां स्थापित की जा रही रावण वध, हनुमान और जटायु की भव्य मूर्तियां रामायण की कथा को सजीव रूप में प्रस्तुत करेंगी।
आस्था और इतिहास का संगम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी घाट से भगवान श्रीराम ने सरयू में जल समाधि ली थी। इस कारण गुप्तार घाट राम भक्तों के लिए विशेष श्रद्धा का केंद्र है। सरयू के शांत तट पर स्थित यह स्थान आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर माना जाता है। अब यहां हो रहे विकास कार्य श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ दिव्य अनुभूति प्रदान करेंगे।पहले और दूसरे चरण में घाट का सौंदर्यीकरण, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, वॉटर स्पोर्ट्स की सुविधाएं, हरित पार्क और योग-ध्यान केंद्र विकसित किए जा चुके हैं। तीसरे चरण में शेष क्षेत्र को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जा रहा है ताकि पूरा परिसर एक समग्र पर्यटन केंद्र के रूप में उभरे।
Ayodhya News: क्या-क्या हो रहा है तैयार
वर्तमान चरण में पार्किंग क्षेत्र का निर्माण, सुसज्जित पाथवे, टिकट काउंटर, गार्ड रूम, आधुनिक शौचालय और किचन ब्लॉक को अंतिम रूप दिया जा रहा है। साथ ही इंटरप्रिटेशन सेंटर और भित्ति चित्रों के माध्यम से रामायण काल की झलक प्रस्तुत की जाएगी। परिसर की सुरक्षा और सौंदर्य के लिए बाउंड्री वॉल का कार्य भी तेजी से चल रहा है।सबसे आकर्षक केंद्र ओपन एयर थिएटर होगा, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, रामलीला, भजन-कीर्तन और रामायण आधारित प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। शाम के समय सरयू तट पर होने वाले इन आयोजनों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव एक साथ मिलेगा।
Ayodhya News: पर्यटन विकास को मिलेगा नया आयाम
सरकार का लक्ष्य अयोध्या को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है। राम मंदिर के निर्माण के बाद शहर में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, और ऐसे में गुप्तार घाट का विकसित स्वरूप इस बढ़ती आस्था यात्रा को नई दिशा देगा। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और पारिवारिक मनोरंजन का भी यह प्रमुख केंद्र बनेगा।परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। कुछ अतिरिक्त कार्यों के कारण समयसीमा में थोड़ी देरी हुई, लेकिन अब लक्ष्य फरवरी 2026 तक संपूर्ण परियोजना को पूरा करने का है। संभावना है कि मार्च 2026 में होली के अवसर पर यह पूरा परिसर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।गुप्तार घाट का यह नव रूप न केवल अयोध्या की ऐतिहासिक गरिमा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि आने वाले समय में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरयू के तट पर आध्यात्मिकता, संस्कृति और आधुनिकता का यह संगम आने वाले वर्षों में लाखों लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगा।






