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10 लाख श्रद्धालुओं का सैलाब: महाशिवरात्रि पर महाकाल दरबार 44 घंटे खुला, दूल्हे बने बाबा का दिव्य शृंगार

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के मंदिर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। दूल्हे के रूप में सजे बाबा के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचे। 44 घंटे तक खुले कपाट, विशेष पंचामृत अभिषेक, भस्म आरती और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच यह पर्व पूरी भव्यता और आस्था के साथ मनाया गया।
10 लाख भक्तों का सैलाब

Mahashivratri Mahakal Ujjain: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। तड़के रात से ही बाबा महाकाल के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। चारों ओर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे हैं। मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

10 लाख भक्त, दूल्हे बने बाबा

अनुमान है कि महाशिवरात्रि के मौके पर करीब 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने पहुंच सकते हैं। इस खास दिन पर बाबा महाकाल को दूल्हे के रूप में सजाया गया है। उनके माथे पर त्रिशूल और चांद अर्पित किए गए हैं। पुजारियों के अनुसार, इस तरह का विशेष शृंगार साल में केवल एक बार ही किया जाता है, जिसे देखने के लिए भक्त दूर-दूर से आते हैं।

Mahashivratri Mahakal Ujjain: 10 लाख भक्तों का सैलाब
10 लाख भक्तों का सैलाब

Mahashivratri Mahakal Ujjain: भस्म आरती और विशेष अनुष्ठान

मंदिर के एक पुजारी ने बताया कि शिव नवरात्रि और महाशिवरात्रि का पर्व पूरे श्रद्धा भाव से मनाया जा रहा है। भक्तों के लिए बाबा का दरबार लगातार 44 घंटे तक खुला रहेगा। इस दौरान भव्य भस्म आरती संपन्न की गई है। श्रद्धालु दूध, दही और जल से बाबा का अभिषेक कर सकते हैं। पूरे दिन मंदिर के कपाट बंद नहीं होंगे और कई विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे।

महाशिवरात्रि पर बाबा के दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे हैं। भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में कहीं ज्यादा है, लेकिन सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भक्तों को कतार में खड़ा कर क्रमबद्ध तरीके से दर्शन कराए जा रहे हैं। कई श्रद्धालु रात से ही लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

त्रिशूल, चांद-सूरज से सुसज्जित बाबा

आज के विशेष अनुष्ठानों के बारे में पुजारी ने बताया कि बाबा का पंचामृत से अभिषेक किया गया है, जिसमें दूध, दही और गंगाजल का उपयोग हुआ। इसके अलावा फलों के रस से भी बाबा को स्नान कराया गया। भांग से विशेष शृंगार किया गया और उनके माथे पर सेहरानुमा मुकुट के साथ त्रिशूल, चांद और सूरज अर्पित किए गए। यह शृंगार इस बात का प्रतीक है कि दिन और रात दोनों ही बाबा महाकाल के अधीन हैं। इसके बाद बाबा का होल्कर अभिषेक किया जाएगा। शाम को विशेष पूजा शुरू होगी, जो अगले दिन सुबह तक चलेगी। इस दौरान बाबा को प्रकृति से बना सेहरा भी अर्पित किया जाएगा।

10 लाख भक्तों का सैलाब
10 लाख भक्तों का सैलाब

दुर्लभ आरती को लेकर उत्साह

पुजारियों के अनुसार, 16 फरवरी को दोपहर 12 बजे भस्म आरती की जाएगी, जो साल में केवल एक बार होती है। इस दुर्लभ भस्म आरती को लेकर भक्तों में खास उत्साह देखा जा रहा है।

मंदिर प्रशासन का कहना है कि 15 और 16 फरवरी को मिलाकर 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर सकते हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद कर दी गई है। श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल सुविधाओं से लेकर सुलभ दर्शन की व्यवस्था की गई है। शहर में ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है और मंदिर परिसर के अंदर व बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि सभी भक्त शांतिपूर्वक बाबा के दर्शन कर सकें।

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