Up news: कानपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ ने कुछ युवाओं को अपराध की राह पर धकेल दिया। गुजैनी थाना क्षेत्र में 8 यूट्यूबरों (जिनमें 3 नाबालिग शामिल हैं) ने महज एक ‘प्रैंक वीडियो’ बनाने के लिए 10 साल के बच्चे का अपहरण कर लिया और उसके परिवार से 2 लाख रुपये की फिरौती मांग डाली। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को पकड़ लिया।
मासूम से ही मांगी गई फिरौती
11 फरवरी की शाम करीब 7:30 बजे बर्रा-8 निवासी अमित शुक्ला का बेटा हर्षल घर के पास सब्जी लेने निकला था। रास्ते में दो लड़कों ने उसे बातों में उलझाकर केडीएमए स्कूल के पास सुनसान जगह पर ले गए। वहां बच्चे को धमकाते हुए फोन दिया गया और कहा गया कि वह अपनी मां को कॉल कर 2 लाख रुपये मांगे, वरना उसे नहीं छोड़ा जाएगा। डरे-सहमे हर्षल ने रोते हुए मां प्रभाती को फोन किया। बेटे की आवाज सुनते ही परिवार के होश उड़ गए।
Up news: 25 मिनट बाद बदली रकम, फिर ‘प्रैंक’ का दावा
करीब 25 मिनट बाद एक नए नंबर से कॉल आई और किदवई नगर स्थित यूपी किराना स्कूल के पास 5 हजार रुपये पहुंचाने को कहा गया। रात करीब 9 बजे आरोपियों ने खुद को यूट्यूबर बताते हुए दावा किया कि यह सिर्फ ‘प्रैंक’ था। इसके बाद बच्चे को छोड़ दिया गया।
हालांकि हर्षल सुरक्षित घर लौट आया, लेकिन परिवार सदमे और गुस्से से उबर नहीं पाया।
Up news: 150 से ज्यादा CCTV खंगाले, बाहर के नंबरों से कॉल
12 फरवरी को मां प्रभाती ने गुजैनी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के निर्देशन में टीम ने 150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया कि फिरौती के लिए इस्तेमाल हुए नंबर आंध्र प्रदेश और कन्नौज से जुड़े थे।
3 नाबालिग समेत 8 आरोपी गिरफ्तार
48 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें अरविंद सिंह, चंदन कुमार, लकी, मोहम्मद शाहिद, अमन कटियार और तीन नाबालिग शामिल हैं। अमन कटियार के खिलाफ पहले से चोरी के दो मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर वीडियो पोस्ट करते थे। उनके अकाउंट्स से 150 से 200 आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं।
पुलिस के सामने गिड़गिड़ाए आरोपी
Up news: शनिवार शाम पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया। पकड़े जाने पर आरोपी माफी मांगते नजर आए और दोबारा ऐसी हरकत न करने का वादा किया। फिलहाल सभी आरोपियों को जेल और नाबालिगों को सुधारगृह भेज दिया गया है। सवाल यही है: क्या कुछ लाइक्स और व्यूज के लिए किसी मासूम की जिंदगी से खेलना जायज है? सोशल मीडिया पर लोकप्रियता की चाह जब कानून की सीमा पार कर दे, तो अंजाम ऐसे ही गंभीर होते हैं।






