Gorakhpur News: गोरखपुर में एक निजी अस्पताल में मोतियाबिंद का विशेष कैम्प आयोजित किया गया था। इस कैम्प में कुल 30 मरीजों का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद मरीजों को कुछ घंटों ऑब्जर्वेशन में रखकर घर भेज दिया गया।हालांकि अगले ही दिन कई मरीजों ने आंखों में तेज दर्द, सूजन और जलन की शिकायत शुरू कर दी। देखते ही देखते कई मरीजों की स्थिति बिगड़ने लगी और परिजन उन्हें दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे।
24 घंटे में सामने आया संक्रमण
ऑपरेशन के लगभग 24 घंटे के भीतर कई मरीजों की आंखों में संक्रमण की पुष्टि हुई। जानकारी के मुताबिक कुल 18 मरीज दोबारा अस्पताल पहुंचे, जिनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।मामला गंभीर होता देख उन्हें पहले गोरखपुर के बड़े अस्पतालों में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थिति में सुधार न होने पर कई मरीजों को लखनऊ, वाराणसी और दिल्ली के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में रेफर कर दिया गया।डॉक्टरों की शुरुआती जांच में आंखों में गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण पाया गया। कुछ मरीजों की आंखों की रोशनी पर गहरा असर पड़ा और संक्रमण बढ़ने के कारण कुछ मामलों में आंख निकालने तक की नौबत आ गई।
Gorakhpur News: कई मरीजों की रोशनी गई, कुछ की आंख निकालनी पड़ी
इलाज के दौरान अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती मरीजों में से कई की आंखों की रोशनी चली गई। कुछ मरीजों की हालत इतनी गंभीर हो गई कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए उनकी आंख निकालनी पड़ी।कई अन्य मरीज अभी भी उपचाराधीन हैं और उनकी दूसरी आंख पर भी खतरे की आशंका को देखते हुए डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं।
Gorakhpur News: मरीजों और परिजनों की आपबीती
कुछ मरीजों के परिवारों का कहना है कि ऑपरेशन के अगले ही दिन आंखों से पानी, मवाद और खून आने लगा। दर्द इतना बढ़ गया कि मरीजों को तुरंत बड़े अस्पताल ले जाना पड़ा।
एक मरीज के परिजनों ने बताया कि जांच के दौरान डॉक्टरों ने रोशनी जाने की बात कही और आगे की सर्जरी का फैसला रिपोर्ट के आधार पर करने की बात कही गई।
दूसरे मरीज के परिवार ने बताया कि संक्रमण बढ़ने पर उन्हें दिल्ली के अस्पताल भेजा गया, जहां एक आंख निकालनी पड़ी और अब आगे की जांच के लिए दोबारा बुलाया गया है।
एक महिला मरीज का मामला
एक महिला मरीज का इलाज वाराणसी के अस्पताल में चल रहा है। उनकी एक आंख निकाल दी गई है और दूसरी आंख में भी परेशानी बनी हुई है।परिजनों का कहना है कि संक्रमण के कारण उन्हें कम दिखाई दे रहा है और सिर में लगातार दर्द बना हुआ है। परिवार को डर है कि कहीं दूसरी आंख की रोशनी पर भी असर न पड़े। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
Gorakhpur News: स्वास्थ्य विभाग की जांच और कार्रवाई
मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई है। जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेट स्तर पर जांच बैठा दी है और संबंधित अस्पताल के नेत्र विभाग को सील कर दिया गया है।डॉक्टरों और स्टाफ के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट को भी जांच में शामिल किया गया है।
सीएमओ का बयान
सीएमओ ने इस पूरे मामले को गंभीर लापरवाही बताया है। उनका कहना है कि एडीएम स्तर पर जांच चल रही है और पूरी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।स्वास्थ्य विभाग की कल्चर रिपोर्ट में बैक्टीरिया मिलने की बात सामने आई है। विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।इलाज जारी, कार्रवाई का इंतजारइस घटना के बाद से प्रभावित मरीज अलग-अलग शहरों के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। कई की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, जबकि कुछ मरीजों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। परिजन चाहते हैं कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और मरीजों को बेहतर इलाज के साथ मुआवजा भी मिले। जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर
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