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Rival countries: दुनिया में दुश्मनी की मिसालें: भारत-पाक के अलावा कौन से देश हैं आमने-सामने

Rival countries: दुनिया में दुश्मनी की मिसालें: भारत-पाक के अलावा कौन से देश हैं आमने-सामने

Rival countries:  जब भी भारत और पाकिस्तान का नाम आता है, तो दिमाग में सीमा पर तनाव, युद्ध और राजनीतिक टकराव की तस्वीर उभरती है। 1947 के बंटवारे के बाद से दोनों देशों के बीच कई युद्ध और लगातार कूटनीतिक तनाव ने रिश्तों को बेहद जटिल बना दिया है।लेकिन सवाल यह है कि क्या ऐसी तल्ख दुश्मनी सिर्फ दक्षिण एशिया तक सीमित है? जवाब है नहीं। दुनिया के कई हिस्सों में ऐसे देश मौजूद हैं जिनके रिश्ते वर्षों से बेहद खराब हैं और जिनके बीच अविश्वास की खाई गहरी है।अक्सर देशों के बीच तनाव की वजह तीन बड़ी चीजें होती हैं सीमा विवाद, राजनीतिक वर्चस्व और वैचारिक टकराव।जहां ये तीनों तत्व लंबे समय तक बने रहते हैं, वहां रिश्ते सुधरना मुश्किल हो जाता है। कई देशों के बीच यही कारण दशकों से तनाव को जिंदा रखे हुए हैं।

अमेरिका-चीन संबंध

पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका और चीन के रिश्तों में तनाव लगातार बढ़ा है। व्यापार, तकनीक, ताइवान और दक्षिण चीन सागर जैसे मुद्दों ने दोनों महाशक्तियों को आमने-सामने खड़ा कर दिया है।खुली जंग नहीं है, लेकिन आर्थिक और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा इतनी तीखी है कि इसे नई वैश्विक प्रतिद्वंद्विता कहा जा रहा है।

Rival countries: उत्तर-दक्षिण कोरिया: तकनीकी रूप से अब भी युद्ध

कोरियाई युद्ध 1953 में भले ही थम गया, मगर शांति समझौता आज तक नहीं हुआ। उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच भारी सैन्य तैनाती और समय-समय पर मिसाइल परीक्षण तनाव को जिंदा रखते हैं।दोनों देश आज भी तकनीकी रूप से युद्ध की स्थिति में माने जाते हैं।

Rival countries: रूस-यूक्रेन: खुली जंग का उदाहरण

2022 से शुरू हुआ रूस-यूक्रेन संघर्ष आधुनिक दौर के सबसे बड़े युद्धों में गिना जाता है। इस लड़ाई ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों को प्रभावित किया है।
दोनों देशों के रिश्ते इतने कटु हो चुके हैं कि सामान्य होने की कोई जल्द उम्मीद नहीं दिखती।

ईरान-अमेरिका: प्रतिबंध और टकराव

1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से ईरान और अमेरिका के रिश्ते तनावपूर्ण हैं। परमाणु कार्यक्रम को लेकर लगाए गए प्रतिबंध और कूटनीतिक बयानबाजी दोनों देशों के बीच दूरी बनाए रखते हैं।सीधा युद्ध नहीं, लेकिन टकराव लगातार जारी है।

Rival countries: इजरायल-ईरान: अविश्वास की गहरी खाई

मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच गहरा अविश्वास है। परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय राजनीति को लेकर दोनों देशों के बीच तीखा विरोध रहता है।यह दुश्मनी अक्सर परोक्ष रूप में सामने आती है।

सूडान-दक्षिण सूडान: बंटवारे के बाद भी तनाव

2011 में अलग होने के बावजूद सूडान और दक्षिण सूडान के बीच सीमा और संसाधनों को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ।कई बार झड़पें हुईं और रिश्ते अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं।हर देश की परिस्थितियां अलग होती हैं, इसलिए तुलना पूरी तरह समान नहीं कही जा सकती। लेकिन समानता एक ही है—जहां इतिहास के जख्म गहरे हों और सीमा या सत्ता का विवाद लंबा चले, वहां रिश्ते जल्दी सुधरते नहीं।दुनिया में कम से कम आधा दर्जन बड़े उदाहरण ऐसे हैं जहां देश दशकों से एक-दूसरे पर भरोसा नहीं करते। फर्क सिर्फ इतना है कि कहीं यह टकराव युद्ध में बदल चुका है, तो कहीं कूटनीति और प्रतिबंधों तक सीमित है।भारत-पाकिस्तान की तरह दुनिया के कई हिस्सों में ऐसे देश हैं जिनके बीच अविश्वास और तनाव की दीवार खड़ी है।ये उदाहरण बताते हैं कि जब इतिहास, सीमा और विचारधारा आपस में टकराते हैं, तो दुश्मनी पीढ़ियों तक चल सकती है।हालांकि कूटनीति और संवाद ही वह रास्ता है जो किसी भी कड़वे रिश्ते को धीरे-धीरे सामान्य बना सकता है।

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