मध्य-पूर्व में Iran-Israel के बीच जारी संघर्ष के बीच सोमवार रात ईरान की अर्धसैनिक बसीज फोर्स को बड़ा झटका लगने की खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इजराइल की ओर से किए गए ताजा हवाई हमलों में बसीज के करीब 300 कमांडरों और सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि हमले बेहद सटीक तरीके से किए गए, जिनका लक्ष्य ईरान की सैन्य गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकाने थे। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन घटनाक्रम ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार हमलों के दौरान तेहरान और उसके आसपास स्थित कई कमांड सेंटर, लॉजिस्टिक यूनिट और सैन्य वाहनों के डिपो को निशाना बनाया गया। इन ठिकानों पर हुए हमलों के बाद वहां बड़े पैमाने पर नुकसान की बात सामने आ रही है।
Iran-Israel संघर्ष तेज
माना जा रहा है कि इन हमलों से बसीज फोर्स की संचालन क्षमता को काफी धक्का लगा है। इजराइल का कहना है कि उसका मकसद उन ढांचों को कमजोर करना है जिनसे उसकी सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। हमलों के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पहले अमेरिका और इजराइल को जवाब दिया जाएगा, उसके बाद ही शांति या बातचीत की कोई संभावना बन सकती है। खामेनेई ने अपने बयान में कहा कि ईरान अपने दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा और मौजूदा टकराव जल्द खत्म होने वाला नहीं है। इस बयान के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
इजराइल का दावा
इसी बीच इजराइल की ओर से एक और बड़ा दावा किया गया है। इजराइली अधिकारियों का कहना है कि उनके हमले में ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी मारे गए हैं। हालांकि ईरान की सरकार ने इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अगर यह खबर सही साबित होती है तो इसे इस संघर्ष का बड़ा घटनाक्रम माना जाएगा। मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति को लेकर राहत की खबर भी आई है। भारतीय जहाज ‘नंदा देवी’ होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करते हुए गुजरात के वडिनार बंदरगाह पहुंच गया है। इस जहाज में करीब 46,500 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लदी हुई है, जो देश में गैस आपूर्ति को मजबूत करने में मदद करेगी।
लाखों सिलेंडरों के बराबर गैस
इससे पहले भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ भी सोमवार को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच चुका है। इस जहाज में लगभग 46 हजार मीट्रिक टन LPG लाई गई थी, जिसे घरेलू गैस सिलेंडरों के हिसाब से देखें तो यह करीब 32 लाख से ज्यादा सिलेंडरों के बराबर बताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन जहाजों के पहुंचने से देश में गैस आपूर्ति की स्थिति कुछ हद तक स्थिर हो सकती है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक हालात बेहद अस्थिर बने हुए हैं।
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