Iran crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi कल सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक करने जा रहे हैं। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी, जिसमें मौजूदा हालात को देखते हुए राज्यों की तैयारियों और रणनीतियों की समीक्षा की जाएगी। इस दौरान ‘टीम इंडिया’ के तौर पर मिलकर काम करने और केंद्र-राज्य के बीच बेहतर तालमेल पर खास जोर रहेगा। इससे पहले केंद्र सरकार इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक भी कर चुकी है।
ईंधन और सप्लाई पर रहेगा फोकस
इस बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा का रहने वाला है। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ सकता है, जिसका सीधा प्रभाव भारत पर भी पड़ सकता है। ऐसे में केंद्र और राज्य मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि देश में ईंधन की कोई कमी न हो और कीमतें नियंत्रण में रहें। साथ ही समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ रहे असर और जरूरी सामान की सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने पर भी चर्चा होगी।
Iran crisis: चुनावी राज्यों के CM नहीं होंगे शामिल
जानकारी के मुताबिक जिन राज्यों में इस समय चुनाव चल रहे हैं, उनके मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। वहां आचार संहिता लागू होने के कारण यह फैसला लिया गया है। हालांकि उन राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक की जाएगी, ताकि वहां भी जरूरी तैयारियों की समीक्षा हो सके।
Iran crisis: सर्वदलीय बैठक में भी बनी सहमति
इससे पहले केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने बताया कि सरकार ने विपक्ष के सभी सवालों और सुझावों को गंभीरता से सुना और उनका जवाब भी दिया। विपक्ष ने भी सरकार की पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे हालात में सभी को एकजुट होकर काम करना जरूरी है।
होर्मुज स्ट्रेट पर भी हुई चर्चा
Iran crisis: बैठक में कई नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट से आने वाली गैस और पेट्रोलियम सप्लाई को लेकर सवाल उठाए। इस पर सरकार ने बताया कि भारत पहले ही चार जहाज सुरक्षित लाने में सफल रहा है। सरकार की इस तैयारी से विपक्ष भी संतुष्ट नजर आया और उसने इसे सही दिशा में उठाया गया कदम बताया।
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