CM Yogi In Varanasi: शनिवार की सुबह वाराणसी की पावन धरती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ शुरू हुआ। उन्होंने सबसे पहले श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से बाबा के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद वे बाबा कालभैरव मंदिर पहुंचे और वहां भी माथा टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।यह दौरा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि एक बड़े जनसंदेश का माध्यम भी बना काशी से पूरे उत्तर प्रदेश को शिक्षा के महत्व का संदेश देने का।

काशी से पूरे प्रदेश को मिला ‘स्कूल चलो’ का आह्वान
दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने काशी से ही पूरे प्रदेश में ‘स्कूल चलो अभियान’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य हर बच्चे को स्कूल से जोड़ना और शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाना है।सीएम योगी ने इस मौके पर कहा कि अब सरकार का लक्ष्य केवल नामांकन नहीं, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य देना है।
CM Yogi In Varanasi: बच्चों के बीच घुले-मिले सीएम, खुद पहनाया स्कूल बैग
कंपोजिट विद्यालय शिवपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का एक अलग ही मानवीय रूप देखने को मिला। उन्होंने पांच निपुण बच्चों को स्कूल बैग और किताबें देकर सम्मानित किया। खास बात यह रही कि उन्होंने खुद बच्चों के कंधों पर बैग टांगा, उनसे बातचीत की और उनके अनुभव जाने। बच्चों के साथ उनकी यह आत्मीयता कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण बन गई।
CM Yogi In Varanasi: बदली शिक्षा की तस्वीर, बदला माहौल
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बीते वर्षों की शिक्षा व्यवस्था पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले शिक्षा व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता में नहीं थी और गरीब बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीरता का अभाव था।उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय नकल जैसी प्रवृत्तियां हावी थीं, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। आज स्कूलों का माहौल, पढ़ाई का तरीका और संसाधन—सबमें व्यापक सुधार हुआ है।

सीएम योगी ने बताया कि अब शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा गया है। पारंपरिक ज्ञान के साथ-साथ तकनीकी शिक्षा को भी जोड़ा गया है, ताकि बच्चे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।उन्होंने कहा कि यह बदलाव बच्चों को आत्मनिर्भर बनाएगा और रोजगार के नए अवसरों के द्वार खोलेगा।मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में शिक्षा की मूल भावना पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह इंसान को बेहतर इंसान बनाने की प्रक्रिया है।उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण ही इस अभियान की सफलता तय करेगा।
CM Yogi In Varanasi: ऑपरेशन कायाकल्प से बदली स्कूलों की सूरत
सीएम योगी ने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने कहा कि आज स्कूलों में बेहतर भवन, साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे बच्चों का स्कूलों की ओर आकर्षण बढ़ा है।

बच्चों की प्रतिभा को सराहा, प्रदर्शनी का किया अवलोकन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर में बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी को भी देखा।उन्होंने बच्चों से उनके प्रोजेक्ट्स के बारे में सवाल पूछे और उनकी रचनात्मकता की सराहना की। यह संवाद बच्चों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ।मुख्यमंत्री सुबह 9:15 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे तक वहां मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने बच्चों, शिक्षकों और अधिकारियों से बातचीत की और योजनाओं की समीक्षा भी की।करीब 10:50 बजे वे कार्यक्रम स्थल से रवाना हुए।सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सीमित रहा प्रवेशमुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।हालांकि सुरक्षा कारणों से कई जगहों पर प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों, शिक्षकों और मीडियाकर्मियों के प्रवेश को सीमित रखा गया, जिससे कुछ लोगों को असुविधा भी हुई।काशी से शुरू हुआ यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा के जरिए भविष्य बदलने का एक व्यापक प्रयास बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश साफ है—हर बच्चा स्कूल पहुंचे, हर हाथ में किताब हो और हर भविष्य मजबूत बने।
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