Up news: विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच मथुरा के बाजना क्षेत्र में स्थित सरकारी पशु अस्पताल अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रहा है। मुख्य मार्ग पर, इंटर कॉलेज के ठीक सामने स्थित यह अस्पताल अब लगभग बेकार हो चुका है और लंबे समय से ताला लटका होने के कारण पशुपालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
खस्ताहाल इमारत, गिरता प्लास्टर
अस्पताल की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि इसकी दीवारों से प्लास्टर गिर रहा है और पूरी इमारत गंदगी व झाड़ियों से घिरी हुई है। हालात यह हैं कि यहां पशुओं का इलाज तो दूर, इंसानों का खड़ा होना भी खतरे से खाली नहीं है।
Up news: इलाज के लिए दर-दर भटक रहे पशुपालक
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल बंद रहने के कारण उन्हें अपने बीमार पशुओं के इलाज के लिए निजी डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
Up news: गंदगी और जलभराव से बढ़ा खतरा
अस्पताल परिसर में फैली गंदगी और जलभराव के कारण संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। यह स्थिति न केवल पशुओं बल्कि आसपास रहने वाले लोगों और छात्रों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
Up news: ग्रामीणों और किसानों ने जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग से मांग की है कि अस्पताल भवन की मरम्मत कराकर यहां नियमित रूप से डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह सरकारी संपत्ति पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो सकती है।
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