AGRA NEW: नगर निगम आगरा ने गनर शुल्क जमा न करने वाले बकायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए रिकवरी नोटिस जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस कार्रवाई की जद में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम भदौरिया समेत कई पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधि तथा प्रभावशाली कारोबारी बताए जा रहे हैं। मामला अब लखनऊ तक पहुंच चुका है, जिससे प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।
88 लाख रुपये से अधिक का बकाया
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, गनर शुल्क के रूप में करीब 88 लाख रुपये से अधिक की राशि बकाया है। यह शुल्क उन लोगों से लिया जाता है, जिन्हें निजी सुरक्षा के लिए नगर निगम के माध्यम से गनर उपलब्ध कराए गए थे। हैरानी की बात यह है कि कई बकायेदारों ने वर्षों से शुल्क जमा नहीं किया, जिससे निगम की वित्तीय व्यवस्था पर भी असर पड़ा।
AGRA NEW: 15 प्रमुख बकायेदारों की सूची तैयार
नगर निगम की आर्थिक शाखा ने 15 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर ली है। इस सूची में पूर्व महापौर, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष, पार्षद और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। किसी पर दो महीने, तो किसी पर 60 महीने से अधिक का शुल्क बकाया है। कुछ मामलों में बकाया रकम लाखों रुपये तक पहुंच चुकी है।
तय समय में भुगतान नहीं तो सख्त कार्रवाई
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि सभी चिन्हित बकायेदारों को नियमानुसार रिकवरी नोटिस भेजे जा रहे हैं। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर शुल्क जमा नहीं किया गया, तो आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने साफ कहा है कि नियम सबके लिए एक समान हैं, चाहे व्यक्ति किसी भी पद पर क्यों न रहा हो।
AGRA NEW: शासन स्तर तक पहुंचा मामला
सूत्रों के अनुसार, गनर शुल्क की वसूली में हुई लापरवाही का मामला शासन स्तर पर भी उठाया गया है। इसके बाद नगर निगम की आर्थिक शाखा को निर्देश दिए गए हैं कि सभी पुराने मामलों की गहन समीक्षा कर शीघ्र वसूली सुनिश्चित की जाए। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आ सकते हैं।
नगर निगम की इस सख्ती से यह साफ हो गया है कि अब गनर शुल्क जैसे मामलों में भी कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। प्रशासन का संदेश स्पष्ट है- बकाया देना होगा, चाहे नाम कितना ही बड़ा क्यों न हो।
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