Al-Falah: अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को बीमार पत्नी की देखभाल के लिए दी गई दो सप्ताह की अंतरिम जमानत को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चुनौती देने की तैयारी की है। ईडी का मानना है कि जमानत मिलने पर सिद्दीकी गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर किए जाने की संभावना है।
ईडी की आशंका
ईडी का आरोप है कि सिद्दीकी ने ट्रायल कोर्ट को गुमराह किया, जब उन्होंने कहा कि उनके बच्चे अपनी मां की देखभाल के लिए भारत नहीं आ सकते। एजेंसी का मानना है कि सिद्दीकी ने अपने परिवार की स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और जमानत का लाभ उठाने की कोशिश की। ईडी को इस बात का डर है कि जमानत मिलने के बाद सिद्दीकी गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं, जो जांच की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
Al-Falah: जांच के दायरे में है अल-फलाह यूनिवर्सिटी
सिद्दीकी को 18 नवंबर 2025 को धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया गया था, जो उनके विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थाओं के कथित फर्जी दावों और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा था। जांच एजेंसी के अनुसार, अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने छात्रों को झूठे दावों के माध्यम से प्रवेश दिलाकर लगभग 45 करोड़ रुपये की अपराध आय अर्जित की।
अन्य मामलों में भी सिद्दीकी का सामना
सिद्दीकी पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी और अन्य संबंधित अपराधों के आरोप लगाए हैं। उनके खिलाफ 27 जनवरी को दो एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिनमें यूजीसी की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई थी। वह एक अन्य आपराधिक मामले में भी अभी न्यायिक हिरासत में हैं।







