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अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार, पुलिस रिमांड पर भेजे गए

Al-Falah University Case: फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के घेरे में आ गई है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजने की अनुमति दी।

दो एफआईआर में हो रही जांच

सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने अब तक दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। दोनों मामलों में गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है। इन्हीं मामलों की कड़ियां जोड़ने और तथ्यों की पुष्टि के लिए पुलिस ने आरोपी की रिमांड मांगी थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।

Al-Falah University Case: प्रशासन और वित्तीय लेन-देन पर होगी पूछताछ

पुलिस रिमांड के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी से यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक कामकाज, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों को लेकर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, जो मामले की तह तक पहुंचने में मदद करेंगी।

पहले भी जांच एजेंसियों के रडार पर रहा संस्थान

गौरतलब है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी इससे पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में रह चुकी है। आतंकवाद विरोधी एजेंसियों द्वारा यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टरों के एक कथित मॉड्यूल का खुलासा किए जाने के बाद से यह संस्थान लगातार विवादों में बना हुआ है। बताया गया था कि यूनिवर्सिटी में काम करने वाले एक डॉक्टर का नाम 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट मामले में सामने आया था।

Al-Falah University Case: ईडी पहले ही दाखिल कर चुकी है चार्जशीट

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी और इससे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। ईडी ने इस मामले में करीब 54 एकड़ जमीन और उस पर बने निर्माण सहित लगभग 139.97 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति कुर्क की है।

गैरकानूनी कमाई का मुख्य लाभार्थी होने का आरोप

ईडी के अनुसार, जवाद अहमद सिद्दीकी का अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी और इससे संबंधित संस्थानों पर पूरा नियंत्रण था। जांच एजेंसी का आरोप है कि वह गैरकानूनी कमाई का मुख्य लाभार्थी था। मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के रूप में उसने प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन नियंत्रण अपने हाथ में रखा और अन्य पदाधिकारियों को प्रॉक्सी के तौर पर इस्तेमाल किया।

Al-Falah University Case: मेडिकल कॉलेज संचालन में नियमों के उल्लंघन के आरोप

ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि मेडिकल कॉलेज के संचालन में एनएमसीई के नियमों का उल्लंघन किया गया। मंजूरी और सर्टिफिकेशन हासिल करने के लिए गलत जानकारी दी गई और जरूरी तथ्यों को छिपाया गया। इन सभी पहलुओं को लेकर जांच एजेंसियां अब सख्ती से पड़ताल कर रही हैं।

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