Aligarh News: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां बेसिक शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को एक ऐसा कार्य सौंपा है, जो उनकी मूल जिम्मेदारी से बिल्कुल अलग है। अब शिक्षक पढ़ाने के साथ-साथ जिले में आवारा कुत्तों की संख्या का सर्वे भी करेंगे।
Aligarh News: बीएसए का आदेश, शिक्षकों में असमंजस
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, सभी सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र में घूमकर आवारा कुत्तों की गिनती करनी होगी। इसके लिए शिक्षकों को स्कूल समय के बाद या निर्धारित अवधि में बाहर निकलकर सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर सर्वे करना होगा।
Aligarh News: अतिरिक्त मेहनत, लेकिन नहीं मिलेगा मेहनताना
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस अतिरिक्त जिम्मेदारी के लिए शिक्षकों को किसी भी प्रकार का मानदेय या भत्ता नहीं दिया जाएगा। शिक्षक पहले से ही शैक्षणिक कार्य, चुनाव ड्यूटी, जनगणना, सर्वे और अन्य सरकारी कार्यों में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में यह नया आदेश उनके कार्यभार को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

शिक्षा से इतर काम पर उठे सवाल
शिक्षक संगठनों और शिक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि इस तरह के आदेश शिक्षकों की मूल भूमिका से भटकाने वाले हैं। उनका तर्क है कि शिक्षकों का मुख्य कार्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, न कि प्रशासनिक या नगर निकाय से जुड़े कार्य करना।
सोशल मीडिया पर भी छाया मामला
यह मामला सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब अन्य विभाग मौजूद हैं, तो शिक्षा विभाग के शिक्षकों को ही यह जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है।
प्रशासन की मंशा पर नजर
Aligarh News: हालांकि प्रशासन की ओर से इसे एक सामान्य सर्वे कार्य बताया जा रहा है, लेकिन इस आदेश ने शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की भूमिका को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि इस फैसले पर आगे कोई बदलाव होता है या नहीं।
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