Aniruddhacharya: कथावाचक और सोशल मीडिया पर रोस्टिंग और मीम्स के ‘तगड़े बादशाह’ कहे जाने वाले बाबा अनिरुद्धाचार्य की मुश्किलें अब बढ़ती नजर आ रही हैं। लड़कियों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मथुरा की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) गौरव उत्सव राज की अदालत ने उनके खिलाफ केस चलाने का आदेश दे दिया है।
क्या है मामला?
ये मामला अक्टूबर 2025 का है, जब अनिरुद्धाचार्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में उन्होंने बेटियों के चरित्र को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जिसमें कहा गया कि आजकल बेटियों की शादी 25 साल की उम्र में होती है और तब तक वे “कई जगह मुंह मार चुकी होती हैं।” इस बयान के बाद सोशल मीडिया और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश मचा। जिसके बाद साफ देते हुए अनिरुद्धाचार्य ने कहा था कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया और वह महिलाओं का सम्मान करते हैं। लेकिन इसके बावजूद ‘अखिल भारत हिंदू महासभा’ की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने मथुरा की सीजेएम अदालत में उनके खिलाफ परिवाद दायर किया।
Aniruddhacharya: समाज में गलत संदेश
याचिका में आरोप लगाया गया कि अनिरुद्धाचार्य की टिप्पणी महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है और समाज में गलत संदेश देती है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका स्वीकार कर ली है और अगली सुनवाई 1 जनवरी 2026 को निर्धारित की है। इस दौरान याचिकाकर्ता के बयान दर्ज किए जाएंगे और अदालत साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
इस पूरे विवाद ने सोशल मीडिया पर भी हंगामा मचा दिया है। जहां कुछ लोग मीम्स और रोस्टिंग के जरिए बाबा अनिरुद्धाचार्य को ट्रोल कर रहे हैं, वहीं कई लोग इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया की निगाह से आगे बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि ‘रोस्टिंग का बादशाह अब खुद रोस्टिंग के घेरे में फंस गया।’
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